13 जनवरी को कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक बच्चे के साथ तस्वीर यह कहते हुए ट्वीट की कि वह बच्चा उनका फैन है जिसने उन्हें TV बहसों में देखा है। कुछ ही घंटों में,  Amar K.(@Iamnot_Immortal) नामक एक व्यक्ति ने दावा किया कि तस्वीर में दिख रहा बच्चा उनका भतीजा है और उसे उन्होंने चतुर्वेदी से कुछ सवाल पूछने के लिए भेजा था जिसका वे जवाब नहीं दे पाई थी। अमर के ट्वीट को 4,000 से ज्यादा बार रीट्वीट किया गया।

फ़िल्म निदेशक विवेक अग्निहोत्री ने इस दावे को उद्धृत करते हुए ट्वीट किया और चतुर्वेदी से इसकी सच्चाई पूछी। उनके ट्वीट को 10,000 से ज्यादा बार लाइक और 4,000 से ज्यादा बार रीट्वीट किया गया।

भाजपा सांसद परेश रावल ने विवेक अग्निहोत्री के ट्वीट को उद्धृत करते हुए रिट्वीट किया जिसके कुछ हजार रीट्वीट हो गए।

अमर ने अपनी कहानी को आगे बढ़ाने के लिए कुछ और दावे किए। उन्होंने ट्वीट किया कि वह बच्चा यह भी नहीं जानता था कि कांग्रेस क्या है और कांग्रेस को कोई शिक्षण संस्थान समझता था। उन्होंने कहा कि चतुर्वेदी ने उस बच्चे की तस्वीर “नए मतदाताओं” को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल की थी।

कुछ यूजर्स ने उनसे कहा कि वे प्रमाण के लिए उस बच्चे का वीडियो पोस्ट करें, जिनका उन्होंने जवाब दिया कि चतुर्वेदी का जवाब आने के बाद वो वीडियो अपलोड करेंगे।

 

उनके दावों के आधार पर, चतुर्वेदी को सोशल मीडिया पर काफी निशाना बनाया गया।

झूठी कहानी

उस बच्चे को अपना भतीजा बताने वाले अमर के ट्वीट के तीन दिनों बाद, एक अन्य व्यक्ति — राघवेंद्र आर शुक्ला — ने ट्वीट किया कि उनका दावा गलत है और वह बच्चा उनके परिवार का है। उन्होंने अमर को “लखनऊ का मोदी का फॉलोवर” कहा।

ऑल्ट न्यूज़ ने राघवेंद्र से संपर्क किया जिन्होंने हमें बताया कि वे एक कांग्रेस-सदस्य, जो सिद्धिविनायक में ट्रस्टी हैं, उनके यहां काम करते हैं। उन्हें चतुर्वेदी के आने के बारे में बताया गया था इसलिए उनके और उनके परिवार के लिए मंदिर की दर्शन की व्यवस्था की थी।

राघवेंद्र भी कांग्रेस के सदस्य हैं और वह बच्चा उनका भतीजा है। वह बच्चा 13 जनवरी को सिद्धिविनायक अपने चाचा विकास शुक्ला के साथ गया था, जिन्होंने उसे चतुर्वेदी से मिलवाया था।

यह लड़का कांग्रेस कार्यकर्ताओं के परिवार से है, इसलिए राजनीतिक बहसों को देखते हुए वह बड़ा हो रहा है। विकास ने हमसे कहा, “वह प्रियंका चतुर्वेदी से मिलना चाहता था क्योंकि उसने उन्हें टेलीविजन पर बहस करते देखा था।”

हमने उस बच्चे के पिता जेपी तिवारी से बात की जिन्होंने राघवेंद्र और विकास द्वारा दिए गए बयानों की पुष्टि की। उन सबों ने अमर के उनके परिवार का होने से इनकार किया।

तिवारी ने बताया, “हम परिवार के सदस्य के रूप में इस नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानते हैं और यह व्यक्ति कौन है, इसका कोई अनुमान नहीं है। उसके दावे पूर्णतया झूठे हैं।” ऑल्ट न्यूज़ के पास उस बच्चे की एक तस्वीर है जो हमें उसके पिता ने भेजी है। यह चतुर्वेदी के साथ वाले बच्चे से मिलती है। चूंकि वह नाबालिग है, इसलिए हम उसकी तस्वीर इस रिपोर्ट में प्रकाशित नहीं कर रहे हैं।

 

ऑल्ट न्यूज़ ने प्रियंका चतुर्वेदी से भी संपर्क किया जिन्होंने कहा कि वे अपने परिवार के साथ मंदिर गई थीं, जब राघवेंद्र ने उन्हें उस बच्चे से मुलाकात करवाई। “उस बच्चे ने आकर कहा कि वह मेरा फैन है और वह मेरी बहसें देखता है, इसलिए मेरे साथ एक तस्वीर खिंचवाई। यही सब था जो हुआ और मेरा अपना परिवार इसका गवाह है। मैंने तो सुना है कि वह व्यक्ति जिसने लड़के को अपना भतीजा कहा, वह कोई रिश्तेदार  तो छोडो उसके परिवार का भी नहीं है।” 

ट्विटर पर वायरल

कांग्रेस प्रवक्ता को निशाना बनाते हुए अचानक आए एक अनजान व्यक्ति के ट्वीट ने सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा कर दिया। सामान्य रूप से अनुमानित — ऋषि बागरी (Rishi Bagree), भैय्याजी (Bhaiyyaji), मिथुन-एचएमपी (Mithun – HMP), विकास पांडेय (Vikas Pandey)– इस ट्वीट को वायरल करने में सबसे आगे थे।

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी सिद्धिविनायक गईं, जहां वे एक बालक से मिलीं जो उनका फैन था। यह बच्चा कांग्रेस सदस्यों के परिवार से था, इसलिए उनके कार्यों से परिचित था। एक व्यक्ति जो इस बच्चे से संबंधित नहीं थे, उन्होंने चतुर्वेदी को निशाना बनाने के लिए, बच्चे के चाचा होने का झूठा दावा किया। क्योंकि प्रियंका चतुर्वेदी कांग्रेस की एक प्रभावकारी वक्ता हैं, इसलिए अक्सर विघटनकारी सूचनाओं के निशाने पर रहती हैं। पहले भी, चतुर्वेदी के नाम से एक झूठे बयान के बाद सोशल मीडिया में उन्हें और उनकी बेटी को बलात्कार और हत्या की धमकियां मिली थीं।

 

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