फ़ैक्ट-चेक : भड़काऊ ट्वीट करने वाला अकाउंट अल जज़ीरा का संवाददाता?

कई यूज़र्स ‘दिलावर शेख (@DilawarShaikh_)’ की एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं. ट्वीट में शेख, हिंदुओं को सबक सिखाने के लिए उन्हें काटने की बात कह रहे हैं. शेख ने खुद को ‘अल जज़ीरा का संवाददाता’, पहले ‘द वायर’ से जुड़ा हुआ और खुद को राणा आयूब से प्रभावित बताया है. हालांकि, उन्होंने अब अपना अकाउंट डिलीट कर दिया है.

ऊपर दी गई ट्वीट 26 फ़रवरी की है मगर इस ट्वीट पर 6 मार्च तक किसी का कुछ खास ध्यान नहीं गया था. उसके बाद इस ट्वीट को कई यूज़र्स ने ‘अल जज़ीरा’ को टैग करते हुए शेयर किया. सबसे पहले ऐसा ट्विटर हैन्डल ‘@desimojito’ ने किया था.

‘@desimojito’ द्वारा शेयर किये गए स्क्रीनशॉट को पाकिस्तानी कनाडियन लेखक तारिक फ़तह और ऑस्ट्रेलियाई मोहम्मद तौहीदी (जो खुद को इमाम ऑफ पीस बताते हैं) ने शेयर किया है.

वेबसाइट ‘ऑपइंडिया’ ने भी ऐसे ही दावों वाला एक आर्टिकल प्रकाशित किया था. हालांकि उन्होंने बिना कोई वजह बताए इस आर्टिकल को डिलीट कर दिया है.

‘ANI’ की एडिटर स्मिता प्रकाश ने अभिजीत अय्यर मित्रा की ट्वीट पर ‘अल जज़ीरा’ से पूछा था कि क्या वाकई में ये व्यक्ति (शेख) उनके यहां काम करता है?

द वायर, अल जज़ीरा से जुड़े हुए नहीं हैं ये व्यक्ति

शेख का ये दावा कि वो ‘अल जज़ीरा’ और ‘द वायर’ के साथ काम करते हैं, गलत है. कई यूज़र्स ने शेख की ट्वीट को शेयर कर ‘अल जज़ीरा’ को टैग किया था. जिसके बाद ‘अल जज़ीरा’ ने ये स्पष्ट किया कि ये एक फ़ेक अकाउंट है और इसका ‘अल जज़ीरा’ से कोई लेना-देना नहीं है. हमारे यहा दिलावर शेख नाम के कोई पत्रकार काम नहीं करते हैं.

‘द वायर’ के फाउन्डर और एडिटर, सिद्धार्थ वरदराजन ने भी ये स्पष्ट किया है कि इस नाम से कोई जर्नलिस्ट उनके यहां काम नहीं करते.

प्रोफाइल में अल जज़ीरा, द वायर से संबंध बाद में जोड़ा गया

ये काफ़ी आश्चर्य की बात है कि ये अकाउंट 2013 में बनाया गया था. लेकिन इस अकाउंट को केवल 57 लोग फॉलो करते थे और इससे 25 फ़रवरी, 2020 तक एक भी ट्वीट नहीं की गयी थी.

इस अकाउंट को फ़िलहाल डिलीट कर दिया गया है लेकिन ऑल्ट न्यूज़ इस अकाउंट के आर्काइव लिंक को एक्सेस कर पा रहा है.

आर्काइव में 26 फ़रवरी, 2020 17:02:13 GMT पर दिखाई दिए अकाउंट के स्क्रीनशॉट को देखा जा सकता है. उस वक़्त तक अकाउंट में ‘द वायर’ और ‘अल जज़ीरा’ का कोई ज़िक्र नहीं था. इससे ये साफ़ होता है कि 26 फ़रवरी से 6 मार्च के बीच अकाउंट में ‘अल जज़ीरा’, ‘द वायर’ और राणा अयूब को अकाउंट के परिचय में शामिल किया गया होगा. दूसरे शब्दों में, अकाउंट से भड़काऊ ट्वीट किए जाने के बाद और ‘@desimojito’ द्वारा इसे शेयर किये जाने से पहले अकाउंट में ये बदलाव किया गया होगा.

दक्षिणवादी विचारधारा से प्रेरित

दिलावर शेख की टाइमलाइन पर नज़र डालने से पता चलता है कि ये अकाउंट हिंदुत्ववादी विचारधारा से प्रेरित है. इस अकाउंट से कई मुस्लिम विरोधी ट्वीट और रीट्वीट किये गए है. राणा अयूब का अपमान करने वाली पोस्ट भी इस अकाउंट ने शेयर की है, जिसे आप उनके टाइमलाइन पर देख सकते हैं.

इस अकाउंट के पीछे कौन है ऑल्ट न्यूज़ ये तो नहीं जान पाया है. लेकिन ये बात साफ़ हो गई है कि अकाउंट के परिचय को एक भड़काऊ ट्वीट किये जाने के बाद गलत मंशा से बदला गया है.

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