नए ट्रैफिक नियमों के बाद, राजस्थान का पुराना असंबधित वीडियो पुलिस के अत्याचार के रूप में साझा

ट्रैफ़िक उल्लंघन के लिए दंड का प्रावधान मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के साथ तेज़ी से बढ़ा है। 1 सितंबर को नए अधिनियम की धाराएं लागू होने के बाद, एक वीडियो सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफार्मों पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। 1: 40 मिनट के इस वीडियो में पुलिस कर्मियों को लोगों पर लाठी चलाते हुए देखा जा सकता है।

आप के नेता सोमनाथ भारती ने इस वीडियो को समान दावे से साझा किया है, और संदेश में बताया कि इन पुलिसकर्मी को “सस्पेंड किया जाना चाहिए”। 5 सितंबर के उनके ट्वीट को अब तक 1300 से अधिक बार रिट्वीट किया जा चुका है।

वीडियो को इस संदेश के साथ साझा किया गया है कि,“ट्रैफिक नियम बदलते ही पुलिस का आतंक शुरू अवैध वसूली का विरोध करने पर प्रारंभ हुई निरीह जनता की पिटाई इस वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करें जिससे दोषी पुलिसकर्मियों को दंड मिल सके”

इस वीडियो को ट्विटर और फेसबुक दोनों पर साझा किया गया है। उसके बाद, कुछ उपयोगकर्ता ने इस वीडियो को अपने टाइमलाइन पर भी साझा किया था।

साझा किया गया संदेश समान है, जिससे यह पता चलता है कि यह व्हाट्सअप पर भी प्रसारित है। ऑल्ट न्यूज़ को इस वीडियो की पड़ताल के लिए अनुरोध किया गया था जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि यह व्हाट्सअप पर भी प्रसारित है।

यह घटना नए ट्रैफिक नियमों को लागू करने से संबधित नहीं है

वीडियो के साथ सोशल मीडिया में साझा किया गया दावा गलत है। ऑल्ट न्यूज़ को वीडियो में दिख रहे दृश्य से इस बात का संकेत मिला है – वीडियो के अंत में पुलिस के वाहन के पंजीकरण नंबर को देखा जा सकता है। इस नंबर की शुरुआत RJ14 से होती है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि यह घटना राजस्थान में हुई थी। इसके अलावा, पुलिसकर्मी के पीछे ‘QRT Alwar’ शब्द दिखाई दे रहा है।

इन सुराग के आधार पर, हमने वीडियो में से एक फ्रेम को लिया और गूगल पर कीवर्ड्स ‘राजस्थान पुलिस लाठीचार्ज’ से रिवर्स सर्च किया। पहले रिजल्ट में हमें 29 अगस्त को आज तक द्वारा प्रकाशित समान दृश्यों वाला एक वीडियो रिपोर्ट मिला, जिसका शीर्षक –‘कैमरे में कैद हुई राजस्थान पुलिस की छात्रों पर गुंडागर्दी’ था।

यह घटना अलवर में हुई थी। छात्र संघ चुनावों के लिए मतगणना में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए, कुछ छात्रों ने एक विरोध प्रदर्शन किया था और दुबारा मतगणना की मांग की, उन्हें पुलिस ने पीटा और परेशान भी किया। लेख के मुताबिक, इन छह छात्रों को विवाद के दौरान चोट भी आयी थी। झड़प के दौरान वीडियो में दिख रहे व्यक्ति को भी पीटा गया था। ऑल्ट न्यूज़ को फेसबुक पर भी एक वीडियो को मिला, जिसमें पुलिसकर्मी द्वारा पीटा गया व्यक्ति रिपोर्टर से इस पूरी घटना के बारे में बात कर रहा है।

 

पुलिस की पिटाई का शिकार हुए फौजी अमर चंद मीणा सुनिए क्या कह रहे हैं

Posted by NCR SANDESH.aaj ki khabar on Wednesday, 28 August 2019

राजस्थान के अलवर छात्रसंघ चुनावों में कथित धोखाधड़ी को लेकर पुलिस और छात्रों के बीच हुई झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया पर, यातायात उल्लंघन के लिए लागु हुई नई जुर्माने के नियम से संबधित दावों से साझा किया गया गया। इस घटना के बारे में द क्विंट ने भी रिपोर्ट प्रकाशित किया था।

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