एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि एक शख्स के पैर में गोली लगी है. और पुलिस उसे कंधे के सहारे कहीं ले जा रही है. इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि इसमें दिख रहे शख्स आदिल है जिसने आजमगढ़ में तमंचे के बल पर दुर्गा पूजा पंडाल हटाने की धमकी दी थी जिसे ‘पुलिस ने सबक सिखाया’.

इस वीडियो को फेसबुक पर शेयर करते हुए कुमार दिग्विजय ने यही दावा किया है. इसे आर्टिकल लिखे जाने तक 7 लाख से ज़्यादा बार देखा और 26 हज़ार से ज़्यादा बार शेयर किया जा चुका है.

एक और फ़ेसबुक यूज़र विनीत शर्मा ने भी ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि दुर्गा पूजा पंडाल हटाने की धमकी देने वाले शख्स का नाम आदिल उर्फ़ अंसार अहमद है. इस पोस्ट को आर्टिकल लिखे जाने तक पर 2.5 लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका है.

बंटी राजपूत नाम के यूज़र ने भी ये वीडियो फ़ेसबुक पर पोस्ट किया. इसे आर्टिकल लिखे जाने तक 25 हज़ार से ज़्यादा बार देखा जा चुका है.

फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये वीडियो इसी दावे के साथ वायरल है.

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फ़ैक्ट-चेक

वीडियो के फ़्रेम का रिवर्स इमेज सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को एबीपी न्यूज़ के एडिटर पंकज झा का एक ट्वीट मिला. इस ट्वीट में वीडियो शेयर करते हुए बताया गया कि नोएडा में लिफ़्ट देकर लूटपाट करने वाले बदमाशों की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी.

आगे, की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरी का एक ट्वीट मिला. 17 अक्टूबर के इस ट्वीट में वायरल वीडियो वाले बदमाशों की तस्वीर शेयर कर लिखा है कि पुलिस ने गाड़ी में लिफ्ट देकर लोगों को घायल करने व उन्हें लूटने वाले बदमाशों से मुठभेड़ की.

गूगल पर की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें TV9 भारतवर्ष, नवभारत टाइम्स, हिंदुस्तान, ज़ी न्यूज के आर्टिकल्स मिले. इनके मुताबिक, गिरफ़्तार किये गए अपराधियों के नाम आनंद वर्मा, शिव कुमार वर्मा, बबलू वर्मा व दीपक वर्मा हैं.

जांच करते हुए ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि वीडियो का दुर्गा पूजा पंडाल से कोई संबंध नहीं है. साथ ही, मुठभेड़ में घायल हुए अपराधियों में से किसी का नाम आदिल उर्फ़ अंसार अहमद नहीं है. इसे झूठे दावे व सांप्रदायिक एंगल के साथ शेयर किया गया.


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Abhishek is a journalist at Alt News.