सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें कुर्ता, पजामा और टोपी पहने एक व्यक्ति को पुलिस लाठियों से पीट रही है. इस वीडियो को शेयर करते हुए कई यज़र्स इसे भारत की घटना बता रहे हैं, वहीं कई यूज़र्स इसे पश्चिम बंगाल का बताते हुए भारतीय जनता पार्टी की आलोचना कर रहे हैं. उनका कहना है कि 2026 के विधानसभा चुनावों में बहुमत हासिल करने के बाद, अभी भाजपा का शासन पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ, और उन्होंने इस तरह की कार्रवाई शुरू कर दी है.

इंस्टाग्राम पर चन्नू खान नाम के यूज़र ने 7 मई को ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि तीन-चार दिन में हाल हो गया तो बैठने के बाद क्या करेगा.

मोहम्मद आसिफ अब्बास नाम के यूज़र ने वीडियो शेयर करते हुए बंगाल हैशटैग का इस्तेमाल किया. (आर्काइव लिंक)

शिल्पी यादव और श्याम प्रकाश नाम के यूजर ने भी इसी तरह के लंबे टेक्स्ट के साथ वायरल वीडियो शेयर किया.

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फ़ैक्ट-चेक

वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ये वीडियो 6 फरवरी 2026 को @university_of_kishorganj_ नामक एक बांग्लादेशी यूज़र द्वारा अपलोड किया गया मिला. इससे इतना तो स्पष्ट हो गया है कि ये वीडियो हाल का नहीं है. ये कम-से-कम 3 महीने पुराना है.

वायरल वीडियो को गौर से देखने पर उसमें सड़क के बीचों-बीच एक स्मारक दिखता है, जो रोशनी से चमक रहा था. जब हमने वीडियो में दिख रहे उस स्मारक का स्क्रीनशॉट लेकर उसका रिवर्स इमेज सर्च किया गया, तो हमें 19 दिसंबर 2025 की डेली बांग्लादेश ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में उसी स्मारक की तस्वीर मौजूद थी जो वायरल वीडियो में दिख रहा है. रिपोर्ट में इसे बांग्लादेश के ढाका स्थित शाहबाग चौराहे का बताया गया है.

गूगल मैप्स पर हमने शाहबाग चौराहे को जिओलोकेट किया. हमें वहां वही स्मारक दिखाई दिया जो वायरल वीडियो में नज़र आ रहा था. इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि वायरल वीडियो वास्तव में बांग्लादेश के ढाका का है.

कुल मिलाकर, कई यूजर्स ने इसे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों से जोड़कर शेयर किया, जो पूरी तरह भ्रामक और गलत है. ये बांग्लादेश की घटना का वीडियो है.

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Abhishek is a senior fact-checking journalist and researcher at Alt News. He has a keen interest in information verification and technology. He is always eager to learn new skills, explore new OSINT tools and techniques. Prior to joining Alt News, he worked in the field of content development and analysis with a major focus on Search Engine Optimization (SEO).