एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बुर्का पहनी महिलाएं भजन गा रही हैं. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि दुबई में मुस्लिम महिलाएं राम भजन कर रही हैं और उनके पति ताली बजाकर उनका साथ दे रहे हैं. ट्विटर पर कई यूज़र्स ने ये वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया है.

2019 से वायरल

ये वीडियो 2019 से इसी दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि इस दावे के साथ फ़ेसबुक पेज आज़ाद भारत ने नवंबर 2018 में ये वीडियो पोस्ट किया था. पोस्ट को 9,000 से ज्यादा शेयर मिले. अब ये पेज एक्टिव नहीं है.

क्या है इस वीडियो की सच्चाई?

‘mosque bhajan’ (मस्जिद में भजन) की-वर्ड्स सर्च से ABP न्यूज़ का एक वीडियो सामने आता है. चैनल ने अपने ‘वायरल सच’ कार्यक्रम में इस दावे को 2 बार फ़ैक्ट-चेक किया है. पहला फ़ैक्ट-चेक अगस्त, 2016 का है और दूसरा फरवरी, 2018 का. यानी, ये दावा कम-से-कम 7 सालों से सोशल मीडिया पर किया जा रहा है. द क्विंट ने भी इस वीडियो का फ़ैक्ट-चेक किया है.

ये वीडियो दुबई की किसी मस्जिद का नहीं बल्कि आंध्रप्रदेश के पुट्टपर्थी में आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा के आश्रम ‘प्रशांति निलयम’ का है. कोलंबो टेलीग्राफ की जुलाई 2013 की “साईं बाबा की अरबी-इस्लामी झलक” शीर्षक से प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, 2012 में आयोजित इस कार्यक्रम में बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, क़तर, सऊदी अरब, सीरिया, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात से भक्त आए थे. इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का पूरा वीडियो नीचे पोस्ट किया गया है.

कुल मिलाकर, भजन गातीं बुर्का पहनी महिलाओं का वीडियो दुबई की किसी मस्जिद का नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश में पुट्टपर्थी के सत्य साईं बाबा के आश्रम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का है. और ये वीडियो 10 साल से भी ज़्यादा पुराना है और बार-बार इसे ग़लत दावे के साथ शेयर किया जाता है.

 

ग़लत

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