पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से जोड़कर सोशल मीडिया में एक वीडियो शेयर किया जा रहा है. इसमें मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति नीचे उतरकर एक दरवाज़े पर कुल्हाड़ी से हमला करते नज़र आ रहे हैं. थोड़ी ही देर बाद सुरक्षाकर्मी इन्हें हिरासत में ले लेती है. यूज़र्स इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे है कि TMC (तृणमूल कांग्रेस) के दो गुंडे बाइक पर सवार होकर मतदाताओं को डराने आए थे, जिन्हें चुनाव के दौरान तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने रोक दिया और तुरंत गिरफ़्तार कर लिया.

भाजपा और नरेंद्र मोदी समर्थक राइट विंग एक्स-यूज़र अरुण यादव कोसली ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “टीएमसी के गुंडे धमकाने आए थे, पर भूल गये बंगाल में अब सीआरपीएफ तैनात हैं, कर दिया इलाज.”

बता दें कि ऑल्ट न्यूज़ द्वारा पहले भी अरुण यादव कोसली को कई मौकों पर ग़लत और सांप्रदायिक नफ़रती जानकारी फैलाते पाया गया है.

एक्स-हैंडल @AmitLeliSlayer, @jignesh03011976, @AdiSpeaX समेत कई यूजर्स ने इसी तरह के दावों के साथ ये वीडियो शेयर किया.

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फेसबुक और यूट्यूब पर भी वीडियो को हालिया पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कार्रवाई बताते हुए शेयर किया जा रहा है.

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फैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल वीडियो को गौर से देखा. हमने पाया कि वीडियो क्रॉप्ड है जिसके ऊपर किनारे में मिरर व्यू के रूप में ‘ƎꟼƎᗡИI’ लिखा है और सफेद और लाल रंग के एक लोगो जैसा बना हुआ है. जिसे सीधा करने पर ‘INDEPE‘ लिखा हुआ पता चलता है.

हमने वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया, तो हमें बांग्लादेशी मीडिया संस्था ‘Independent Television‘ के यूट्यूब चैनल पर 3 मिनट लंबा वीडियो 17 अगस्त 2024 को अपलोडेड मिला. इसका लोगो ‘INDEPENDENT’ वायरल वीडियो में दिख रहे लोगो से मेल खा रहा है. इस वीडियो के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक, “बांग्लादेश के फरीदपुर के एक दुकान में तोड़फोड़ करते बदमाशों को सेना ने पकड़ा.”

जांच के दौरान बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट ‘Dhaka Post‘ की 17 अगस्त 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली. इसमें वीडियो दिखाते हुए बताया गया कि 14 अगस्त 2024 को फरीदपुर के बोआलमारी में दो गुटों के बीच हुई झड़प के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) कार्यकर्ताओं ने एक पार्टी की दुकानों में तोड़फोड़ की. बाद में सेना ने दो लोगों को हिरासत में लिया है. घटना का वीडियो 17 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

आगे रिपोर्ट में बताया गया गिरफ्तार किए गए लोगों में मोहम्मद तुतुल हुसैन और दुखु मियां को अदालत के माध्यम से जेल भेज दिया गया.

यानी, असल में वायरल वीडियो अगस्त 2024 में बांग्लादेश के फरीदपुर इलाके में हुई एक घटना का है, जहां दो गुटों की झड़प के बाद दुकान में तोड़फोड़ की गई. सेना ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया था. इस दो साल पुराने वीडियो को यूज़र्स शेयर करते हुए हालिया पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान का बताकर झूठा दावा कर रहे हैं. ये वीडियो मतदाताओं को धमकाने आए ‘TMC गुंडों’ का नहीं है.

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