अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान ने दोबारा कब्ज़ा कर लिया है. उन्होंने पंजशीर पर भी कब्ज़ा करने का दावा किया है. इसके बाद से सोशल मीडिया पर वहां के दृश्य बताकर कई वीडियोज़ शेयर किये गए. इस दौरान, ज़ी हिंदुस्तान ने 3 सितंबर को एक वीडियो ट्वीट किया. इसमें एक बच्ची मशीन गन चलाते हुए दिखती है. ज़ी हिंदुस्तान ने ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि पंजशीर में एक मासूम बच्ची ने तालिबान के खिलाफ़ हथियार उठा लिए हैं. ब्रॉडकास्ट के दौरान ऐंकर ने भी यही दावा किया. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)
#Panjshir में तालिबान के खिलाफ मासूम बच्ची ने उठाए हथियार!#PanjshirValley #Talibans #AfghanistanBurning #AfghanistanCrisis #AfghanistanTalibanCrisis #ChinaExposed #AhmadMassoud #PanjshirForce @ashrafghani
WATCH LIVE:- https://t.co/jYYPDWbKUf pic.twitter.com/OCUiJHMOD6
— ZEE HINDUSTAN (@Zee_Hindustan) September 3, 2021
ज़ी हिंदुस्तान ने फ़ेसबुक पर भी इस शो का वीडियो पोस्ट करते हुए यही दावा किया. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक
फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को ये वीडियो 28 जनवरी 2020 के ट्वीट में मिला. यूज़र ने इस वीडियो के साथ कोई जानकारी शेयर नहीं की थी.
#صباح_الخير
آگرمنا يَ الله : بـ سَعآدھہ لآ تُغآدر تَفآصيل حياتنااً 💚.
كفوووو جيل 2000 😂😍💚 pic.twitter.com/wyjYSgUwMp— مۭـڕڛۜـڷ✘🖤 (@6sfm_) January 28, 2020
आगे, की-वर्ड्स सर्च के ज़रिए यूट्यूब पर ये वीडियो 26 जनवरी 2020 को अपलोड किया हुआ मिला. इसे पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत का बताया गया. वीडियो के साथ लिखा है कि बलोच लड़की मशीन गन चला रही थी.
बूम ने भी इस वीडियो के बारे में एक फ़ैक्ट-चेक आर्टिकल पब्लिश किया. उनके मुताबिक, ट्वीट पर जवाब देते हुए कुछ यूज़र्स ने वीडियो में बजने वाला गाना बलूची भाषा का बताया.
यहां एक बात तो साफ़ हो जाती है कि मशीन गन चलाने वाली बच्ची का वीडियो पुराना है. ज़ी हिंदुस्तान ने ये वीडियो शेयर करते हुए ग़लत दावा किया कि अफ़ग़ानिस्तान में छोटे बच्चों ने तालिबान के ख़िलाफ़ हथियार उठा लिए हैं.





