Author - Alt News Staff

क्या सरदार पटेल अस्‍पताल से कथित ISIS सदस्‍य की गिरफ्तारी से पहले अहमद पटेल इस ट्रस्ट् से इस्तीफा दे चुके थे?

”अगर अहमद पटेल उस अस्‍पताल के संरक्षक थे जहाँ से ISIS के 2 संदिग्ध आतंकवादी गिरफ्तार किए गए तो क्या उन्‍हें जिम्‍मेदार नहीं माना जाना चाहिए? (अनुवाद)” यह सवाल गुजरात एटीएस द्वारा दो संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने पूछा। दो संदिग्ध लोगों में से एक संदिग्ध व्‍यक्ति उस सरदार पटेल अस्‍पताल में काम करता था और हाल ही में... Read More

आगरा के फतेहपुर सीकरी में स्विस दम्पति पर हमले के बाद अफवाह फैलाने का काम शुरू

”5 ‘शांतिपूर्ण’ लोग जो फतेहपुर सीकरी #swisscouple हमले में शामिल थे, गिरफ्तार कर लिये गये हैं। ये लोग शेख़ चिश्‍ती ट्रस्‍ट के गुंडे हैं (अनुवाद)” यह प्रशांत पटेल उमराव का ट्वीट है। देश में किसी घटना की वजह से जब भी सरकार को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है तो सोशल मीडिया पर मौजूद कुछ संदिग्ध लोग एक कहानी तैयार करने की कोशिश करते हैं ताकि सरकार की लचर कार्यप्रणाली के मुद्दों से लोगों का... Read More

क्‍या बीजेपी आईटी सेल को एएनआई के लेख के बारे में पहले से जानकारी थी?

कुछ दिन पहले ट्विटर पर एक हैशटैग #RahulWaveInKazakh लंबे समय तक ट्रेंड होता रहा। यह हैशटैग एएनआई के एक लेख की प्रतिक्रिया में फैल रहा था जिसमें उन्होंने रूस, कजाखिस्तान और इंडोनेशिया जैसे देशों के ऐसे 10 ट्विटर अकाउंट उजागर किए जिन्होंने राहुल गांधी के ट्वीट को रीट्वीट किया था। एएनआई का लेख अपराह्न 1:05 PM बजे प्रकाशित हुआ था और ट्विटर अकाउंट ani_digital द्वारा अपराह्न 1:12 PM पर ट्वीट किया गया था। जल्दी ही,... Read More

क्या भारत की रैंकिंग वैश्विक भुखमरी सूचकांक में 2014 से 2017 के बीच 45 स्थान नीचे आ गई?

12 अक्टूबर को जारी हुई वैश्विक भुखमरी सूचकांक (जीएचआई) की रिपोर्ट सोशल मीडिया पर सबसे ज्‍यादा चर्चा की विषय बन गई। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत, भुखमरी सूचकांक में और नीचे आ गया है। अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (आईएफपीआरआई) के बयान में कहा गया-”भारत का स्थान 119 देशों में 100वें नंबर पर है, और उसे पूरे एशिया में तीसरा सबसे ज्यादा स्कोर मिला है — केवल अफगानिस्‍तान और... Read More

क्या नोबेल पुरस्कार विजेता “रिचर्ड थैलेर” ने सच में किया था नोटबंदी का समर्थन?

“यह एक ऐसी नीति है जिसे मैंने लंबे समय से समर्थन किया है…..(अनुवाद)”. विवादास्पद प्रयोग “नोटबंदी” का सकारात्मक समर्थन ढूंढने के लिए बेताब, बीजेपी आईटी सेल को हाल ही मे अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार विजेता घोषित “रिचर्ड थैलेर” के इस ट्वीट को खोजने में बेहद खुशी हुई होगी। थैलेर वास्तव में कम नकदी अर्थव्यवस्था के लंबे समय से समर्थक रहे है। लेकिन बीजेपी आईटी सेल के... Read More

क्या ट्रोलिंग की वजह से सरकार को हरित दिवाली अभियान पर यू-टर्न लेना पड़ा ?

”एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर बैन लगाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्‍वागत है। यह हमारे पर्यावरण के लिए मेरे #GreenDiwali अभियान के लिए एक बड़ा समर्थन है।”(अनुवाद). पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बैन लगाने की बात सुनकर यह ट्वीट किया था। ये मंत्री हरित दिवाली का काफ़ी लंबे समय से... Read More

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल – व्हाट्सऐप पर रवीश कुमार को निशाना बनाने वाले लोग कौन हैं

”मुझे भी दु:ख है तू जीवित है” यह उन कई संदेशों में से एक संदेश है जो एक व्हाट्सऐप ग्रुप पर एनडीटीवी इंडिया के एंकर रवीश कुमार के लिए लिखा गया। 22 सितंबर को रवीश कुमार ने अपने फ़ेसबुक पेज पर कई स्क्रीनशॉट्स के साथ एक पोस्ट लिखी और बताया कि कुछ लोग उन्‍हें बार-बार किसी खास व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ देते हैं जिसका एकमात्र मकसद उन्हें गाली देना होता है। ये स्क्रीनशॉट “ऊँ धर्म रक्षति... Read More

शर्मनाक – मोदी जी ऐसे लोगों को करते हैं ट्विटर पर फॉलो

यह जानने के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया कि प्रधानमंत्री मोदी उस व्यक्ति को फॉलो करते हैं जिसने दिवंगत पत्रकार, गौरी लंकेश को ‘एक कुतिया जो कुत्ते की मौत मरी’ कहा था। क्या प्रधानमंत्री का ट्विटर हैंडल गंदी गालियाँ देने वाले किसी ट्रोल को फॉलो कर रहा है? ट्विटर पर काफी दिनों से सक्रिय लोगों को मालूम होगा कि यह पहला मौका नहीं है जब यह मुद्दा उठाया जा रहा है। यह नाराजगी कुछ महीनों... Read More

मुम्‍बई के गरीबों के फेफड़ों में ज़हर घोल रहा बायोवेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट

मुम्‍बई, देश की आर्थिक राजधानी, जहां बसते हैं अम्‍बानी जैसे अमीर, बॉलीवुड के सितारें और बहुत सारे अमीरजादे। मुम्‍बई में स्‍मार्ट सिटी भी बन रही हैं जहां ऐसी ऐसी सुविधाएं हैं जिसके बारे में एक मध्‍यमवर्गीय व्‍यक्ति भी कल्‍पना नहीं कर सकता है। इसी मुम्‍बई में मुम्‍बई चलाने वाले, उसका सारा काम करने वाले लोग भी बसते हैं पर वो ज्‍यादातर समय खामोश ही रहते हैं या फिर खामोश दिखाये जाते... Read More

Francois Gautier के समर्थन से फैली दिल्ली के ई-रिक्शा चालक के मृत्यु की साम्प्रदायिक अफवाह

यदि आपको याद हो तो Francois Gautier ने कुछ समय पहले नरेंद्र मोदी के बारे में नोस्ट्रदमस द्वारा लिखी गयी झूठी प्रशंसा को सोशल मीडिया पे डाल दिया था। वह फ्रेंकोइस द्वारा बनाया गया झूठा लेख था। खैर वह घटना किसी को हानि पहुँचाने के लिए नहीं था इस कारण से उसे अनदेखा कर सकते हैं लेकिन एक अच्छा उदाहरण था की कैसे लोग आसानी से झूटी और बेतुकी बातों को भी सच मान लेते है । परंतु इस बार इन महानुभावों ने... Read More

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