बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 13 दिसंबर, 2024 को पूरे राज्य में एक साथ कॉमन (प्रारम्भिक) कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (CCE) आयोजित किया था. इस परीक्षा के दौरान पटना के एक परीक्षा केंद्र से कुछ वीडियो सामने आए जिसमें कुछ लोग परीक्षा सेंटर के अंदर घुसकर पेपर लीक का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों का पेपर छीनकर फाड़ दिया. छात्रों ने प्रश्न पत्र बांटने में भी देरी का आरोप लगाया. इस पर आयोग ने कार्रवाई करते हुए एक केंद्र की परीक्षा फिर से आयोजित करने का फैसला किया. अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में कई त्रुटियों और कथित पेपर लीक की ओर इशारा करते हुए सभी उम्मीदवारों के लिए यह परीक्षा फिर से आयोजित करने की मांग को लेकर धरना दिया, जिसमें कई छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया.

इस बीच, जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में 2 जनवरी को पटना के गांधी मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी. 6 जनवरी की सुबह उन्हें प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने को लेकर पुलिस गिरफ़्तार करने गांधी मैदान पहुंची. इस दौरान पुलिस की उनके समर्थकों के साथ झड़प हो गई. पुलिस की भी पत्रकारों और कार्यकर्ताओं के साथ बदसुलूकी के वीडियो भी सामने आए जिसमें आकाशवाणी पटना ने वीडियो ट्वीट कर पुलिस पर पत्रकार को पीटने की कोशिश का आरोप लगाया. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें पुलिस प्रशांत किशोर को गिरफ़्तार करने आई थी और वहां उनके कार्यकर्ता और छात्र भी मौजूद थे. इस वीडियो के साथ दावा किया गया कि एक पुलिसकर्मी ने प्रशांत किशोर को थप्पड़ मारा.

एबीपी न्यूज़ की एंकर चित्रा त्रिपाठी ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि पुलिस मे प्रशांत किशोर को थप्पड़ मारा.

बिहार के प्रमुख डिजिटल नेटवर्क लाइव सिटीज़ ने भी खबर चलाते हुए दावा किया कि पटना पुलिस ने प्रशांत किशोर को थप्पड़ मारा.

पत्रकार ज्ञानेश्वर ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “जनसुराज की ओर से जारी वीडियो और दावे से ऐसा लग रहा है, 1 पुलिस वाले ने प्रशांत को थप्पड़ भी जड़ा है.” इसे कोट ट्वीट करते हुए एनडीटीवी के एडिटर पंकज झा ने दावा किया कि वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि पुलिस ने प्रशांत किशोर को थप्पड़ मारा है.

फ़ैक्ट-चेक

हमने प्रशांत किशोर की गिरफ़्तारी से जुड़े की-वर्ड्स सर्च किये तो हमें न्यूज़ एजेंसी ANI की एक रिपोर्ट मिली. इसमें वायरल वीडियो का बड़ा वर्जन मौजूद है और इस वीडियो को अलग एंगल से रिकॉर्ड किया गया है. इस वीडियो के 59 सेकेंड में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक लड़का प्रशांत किशोर को जकड़े हुआ है और पुलिस को उन्हें उठाने नहीं दे रहा है. तभी एक पुलिसकर्मी उस लड़के के सिर पर एक थप्पड़ मारता है, जिसके बाद वहाँ मौजूद कार्यकर्ता चिल्लाने लगते है.

यहां वीडियो को स्लो-मोशन में देखा जा सकता है जिसमें स्पष्ट तौर पर दिख रहा है कि पुलिस ने प्रशांत किशोर को थप्पड़ नहीं मारा.

मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि मीडिया में पुलिस द्वारा उन्हें थप्पड़ मारने का दावा गलत है.

कुल मिलाकर, पुलिस ने पटना के गांधी मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर को थप्पड़ नहीं मारा, बल्कि प्रशांत किशोर के जकड़े एक लड़के के सिर पर थप्पड़ मारा जो पुलिस को प्रशांत किशोर को उठाने नहीं दे रहा था.

ग़लत
दावा:
पटना पुलिस ने जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर को थप्पड़ मारा

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