सोशल मीडिया पर एक वीडियो इस दावे के साथ काफी ज़्यादा शेयर किया जा रहा है कि नवगठित TVK सरकार के सत्ता संभालने के बाद पूरे तमिलनाडु में हिंदी विरोधी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. वायरल क्लिप में लोगों को रेलवे स्टेशनों पर हिंदी साइनबोर्ड पर काला रंग पोतते हुए दिखाया गया है.
X यूज़र भक्त प्रह्लाद ने 10 मई, 2026 को वीडियो पोस्ट किया. पोस्ट को 270,000 से ज़्यादा बार देखा गया और 1500 से ज़्यादा बार शेयर किया गया. यूज़र के बायो में लिखा है, “वकील | सनातनी | गौरवान्वित हिंदू.” (आर्काइव)
Anti-Hindi Hate started in TamilNadu after Swearing-in of TVK Vijay.
This is the only thing they knew & call BJP a communal party😂🤣 pic.twitter.com/zPE8rxW5go
— Bhakt Prahlad🚩 (@RakeshKishore_l) May 10, 2026
वीडियो को X यूज़र अनुराधा मिश्रा ने भी 12 मई, 2026 को इसी तरह के दावे के साथ शेयर किया था. (आर्काइव)
Hindi text defaced at Chennai railway station after Vijay’s oath!!!
I pity Tamil Nadu, state which is a Sanatan hater, hindu hater and a hindi hater 😐😐 pic.twitter.com/FTOaBH0N3A— Anuradha Mishra (Modi’s Family) (@Anuradham1805) May 12, 2026
यही वीडियो 10-12 मई के आसपास कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसी तरह के दावों के साथ पोस्ट किया था. उन्होंने या तो इसे ‘हालिया विरोध’ कहा या इसे सीधे तौर पर TVK और जोसेफ़ विजय से जोड़ा.
फ़ैक्ट-चेक
हमने वायरल वीडियो से कुछ कीफ्रेम निकाले और उन पर रिवर्स इमेज सर्च किया. इससे हमें सन न्यूज़ की 12 मार्च, 2026 की एक थ्रेड्स पोस्ट मिली, जिसमें वही फ़ुटेज था.
पोस्ट के मुताबिक, कथित तौर पर हिंदी थोपने का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने चेन्नई में क्रोमपेट और नुंगमबक्कम जैसे रेलवे स्टेशनों के साइनबोर्ड पर हिंदी अक्षरों पर काला रंग पोत दिया था. वीडियो में ऑन-स्क्रीन तमिल टेक्स्ट को गूगल लेंस का इस्तेमाल करके इसका अनुवाद कुछ यूं आता है, “चेन्नई रेल स्टेशन में, हिंदी अक्षर हटा दिए गए.”

ये विजुअल उस वीडियो से बिल्कुल मेल खाते हैं जो अब वायरल हो रहा है.
स्थानीय मीडिया आउटलेट अनसीन चेन्नई ने वही वीडियो फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर, एक ही तारीख – 12 मार्च को पोस्ट किया.
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11 मार्च, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तमिलनाडु यात्रा के बाद मार्च में चेन्नई और आसपास के इलाकों में हिंदी विरोधी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. इन प्रदर्शनों का नेतृत्व 17 मई मूवमेंट नामक संगठन और उसके नेता थिरुमुरुगन गांधी ने किया था.
कुल मिलाकर, रेलवे स्टेशन के बोर्ड्स पर हिंदी अक्षरों को विकृत करने का वायरल वीडियो दो महीने से ज़्यादा पुराना है. इसे तमिलनाडु में TVK के सत्ता में आने से ग़लत तरीके से जोड़ा जा रहा है.
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