10 अक्टूबर को ये ख़बर आई कि हाथरस मामले में पीड़ित परिवार के घर में एक महिला रिश्‍तेदार (पीड़िता की भाभी) बनकर रह रही थी. रिपोर्ट्स के अनुसार, ये महिला जबलपुर की डॉक्टर राजकुमारी बंसल हैं. इनपर पीड़िता के घर पहुंचकर गांव वालों को भड़काने और झूठी बयानबाज़ी के आरोप लगे हैं. इन तमाम आरोपों पर सफ़ाई देते हुए राजकुमारी बंसल ने कहा है कि वे इंसानियत के नाते हाथरस पहुंची थीं और पीड़िता के परिवार की मदद करना उनका मकसद था.

इसके बाद ट्विटर पर कई BJP नेताओं ने प्रियंका गांधी की एक तस्वीर ट्वीट करते हुए दावा किया कि इसमें वो उसी ‘नकली भाभी’ को गले लगाते हुए दिख रही हैं. BJP महिला मोर्चा की नेशनल सोशल मीडिया इंचार्ज प्रीति गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी उस महिला को ढाढस बंधा रहे हैं जो पीड़ित परिवार के घर में भाभी बन कर रह रही थी.

पूर्व सांसद गीता कोटपल्‍ली ने भी ये तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “ये महिला कौन है? यह पीड़िता की मां नहीं है तो घर में कैसे घुसी? उसे प्रियंका को गले लगाने कैसे दिया गया? इसी महिला का बरखा दत्‍त ने भी इंटरव्‍यू किया था. यह एक सोची-समझी साजिश लगती है.”

BJP के IT सेल से जुड़े सौरभ खामर ने भी यही तस्वीर ट्वीट कर सवाल किया, “क्‍या फ़ेक गांधी फ़ेक नक्‍सल भाभी को गले लगा रही हैं?” इसके अलावा अरुन पुदुर, पिंकू शुक्ला, @iArmySupporter ने ये तस्वीरें शेयर करते हुए ऐसे दावे किए हैं.

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फ़ेसबुक पर सोशल तमाशा नाम के एक पेज ने इस मौके की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ” फ़ेक गांधी संग फ़ेक भाभी.” इस पेज को पहले भी कई बार गलत जानकारी फैलाते हुए देखा गया है.

फेक गांधी Vs फेक भाभी 😎

#fakenaxalbhabhi #FakeGandhi

Posted by Social Tamasha on Saturday, 10 October 2020

परफ़ॉर्म इंडिया, वीके न्यूज़, बेस्ट हिन्दी न्यूज़ और हरियाणा अबतक जैसे कुछ वेबसाइट्स ने इन सोशल मीडिया दावों पर ख़बर प्रकाशित की है.

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फ़ैक्ट-चेक

प्रियंका गांधी और राहुल गांधी 3 अक्टूबर को हाथरस के पीड़ित परिवार से मिले थे. उस दिन कई मीडिया हाउसेज़ ने इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो चलायी थीं. इंडिया टुडे की उसी दिन की एक रिपोर्ट बताती है कि प्रियंका गांधी हाथरस पीड़िता की मां से गले मिल रही थीं.

ANI और पत्रकार मारिया शकील ने भी 3 अक्टूबर को उस मौके का वीडियो ट्वीट किया था. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि ये हाथरस के भूलगढ़ी गांव में बड़ा ही इमोशनल मोमेंट था. पीड़िता की मां ने प्रियंका गांधी को गले से लगाया.

इसके अलावा तस्वीरों और वीडियो में प्रियंका गांधी जिसे गले मिल रही हैं वो महिला पीड़िता की मां हैं या नहीं, इस बात की तस्दीक उनकी साड़ी से भी की जा सकती है. क्यूंकि शेयर की जा रही तस्वीर में पीड़िता की मां का चेहरा नहीं दिखता है इसीलिए हम पत्रकार और मीडिया हाउस द्वारा पीड़िता की मां से बातचीत के विज़ुअल से वेरीफ़ाई कर रहे हैं. 3 अक्टूबर को बरखा दत्त ने पीड़िता की मां के साथ एक तस्वीर ट्वीट की थी. इस तस्वीर में वो उसी साड़ी में दिख रही हैं जो उन्होंने प्रियंका गांधी से गले मिलते वक़्त पहनी थी. इंडिया टुडे ने भी उसी दिन पीड़िता की मां और भाई से बात की थी. इस वीडियो में भी वो वही साड़ी पहने दिखती हैं.

 

इन सब के अलावा 30 सितम्बर को पीड़िता की मां ने टाइम्स नाउ चैनल से बात की थी. उस दिन भी वो उसी साड़ी में देखी जा सकती हैं.

इस तरह, हाथरस मामले में कांग्रेस के पीड़ित परिवार से मिलने को लेकर फैलाया जाने वाला ये एक और झूठ है. प्रियंका गांधी पीड़िता की मां से ही गले मिली थीं. इससे पहले BJP से जुड़े लोगों ने राहुल गांधी की एक तस्वीर इस गलत दावे से शेयर की थी कि धक्का-मुक्की के दौरान उन्होंने पुलिसवाले का कॉलर पकड़ लिया था. इसके अलावा, एक पुरानी तस्वीर के ज़रिये ये भी दावा किया जा रहा था कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हाथरस जाने के दौरान हंसते हुए देखे गए थे.

ग़लत
दावा:
प्रियंका गांधी हाथरस पीड़िता की मां से नहीं बल्कि फ़ेक भाभी से गले मिल रही

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