बीते दिनों भाजपा नेता व सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कई मीडियकर्मियों के साथ दिल्ली के किराड़ी विधानसभा में मौजूद एक अस्पताल के प्रस्तावित निर्माणस्थल का दौरा किया. उन्होंने दावा किया कि इस जगह पर कोई अस्पताल नहीं है जबकि कागज़ों के मुताबिक, वहां 28 जून 2020 से 458 बेड का अस्पताल चल रहा है. उन्होंने दिल्ली सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. ये खबर कई मीडिया संगठनों ने पब्लिश की है जैसे ज़ी न्यूज़, हिंदुस्तान, पत्रिका, द हिंदू.

दिल्ली के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने किराड़ी में प्रस्तावित अस्पताल के निर्माणस्थल का वीडियो ट्वीट किया. उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल सरकार के अनुसार, कागज़ों में 28 जून 2020 को किराड़ी में 458 बेड का अस्पताल बनकर तैयार हो चुका है. लेकिन जब वो वहां पहुंचे तो वहां पर कोई अस्पताल नहीं था. आगे, आदेश गुप्ता ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि कहां है वो अस्पताल, ज़मीन खा गई या आसमान? (आर्काइव लिंक)

भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालविया ने भी ये वीडियो ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के CM केजरीवाल के अनुसार, किराड़ी में 458 बेड का अस्पताल बनाया जा चुका है और पीडब्ल्यूडी (एनसीटी सरकार) की वेबसाइट के अनुसार, 27 जून 2020 को काम पूरा कर लिया गया है. लेकिन असलियत में अस्पताल कागजों पर ही है! ये आप द्वारा किया गया 1,256 करोड़ का घोटाला है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने एक वीडियो ट्वीट किया. उन्होंने वीडियो में भी यही दावा किया. (आर्काइव लिंक)

ये दावा भाजपा दिल्ली ने ऑफ़िशियल हैन्डल से ट्वीट किया. वहीं भाजपा नेता नीलकंठ बक्शी, अश्विनी उपाध्याय, निघत अब्बास समेत कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी इसे ट्वीट किया है.

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फ़ैक्ट-चेक

इस दावे की असलियत जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने किराड़ी से आम आदमी पार्टी के विधायक ऋतुराज गोविंद से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि मनोज तिवारी का दावा कि किराड़ी का अस्पताल जून 2020 में बनकर तैयार है, सरासर गलत है. ऋतुराज ने बताया कि उन्होंने 4 अगस्त 2020 को दिल्ली के मंत्री सत्येन्द्र जैन से मिलकर चिट्ठी सौंपी थी कि किराड़ी में अस्पताल की ज़रूरत है. विधायक ऋतुराज ने उस दिन के एक फ़ेसबुक पोस्ट का लिंक भी शेयर किया जिसमें वो सत्येन्द्र जैन से मिलकर किराड़ी अस्पताल के मांग को लेकर चिट्ठी सौंप रहे हैं.

किराड़ी विधायक ऋतुराज ने बताया कि चिट्ठी सौंपने के बाद अस्पताल के लिए जमीन अलॉट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. इसके बाद 10 फरवरी 2021 को दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने जमीन अलॉट की. और इसके बाद 22 मार्च 2021 को अस्पताल के लिए जमीन का पज़ेशन मिला. किराड़ी विधायक ने हमसे अस्पताल की ज़मीन के अलॉटमेंट और पज़ेशन के दस्तावेज भी शेयर कियें.

आगे, और जानकारी जुटाने के लिए हमने दिल्ली के PWD की वेबसाइट चेक की. वहां ऑल्ट न्यूज़ को प्रस्तावित अस्पताल से जुड़ा एक प्रेस नोटिस मिला. नोटिस में इस अस्पताल को बनाने के लिए टेंडर के लिए आवेदन की आखिरी डेट 11 अगस्त 2021 की थी.

इस टेंडर के NIT No. 04 /CE/Health/PWD/2021-22 को ध्यान में रखकर हमने सर्च किया. तो हमें Free State Tenders, Tenders on Time जैसी टेंडर्स को ट्रैक करने वाली वेबसाइट्स पर इससे जुड़ी जानकारी मिली. वेबसाइट्स पर इस टेंडर का डेट 28 जुलाई 2021 बताया गया था. साथ ही टेंडर भरने का डेडलाइन 11 अगस्त 2021 दिया गया था. ऑल्ट न्यूज़ को इस टेंडर से जुड़ी 31 जुलाई 2021 की एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट मिली. यहां ये बात तो साफ हो जाती है कि किराड़ी में 458 बेड वाले अस्पताल का टेंडर जुलाई-अगस्त 2021 में निकला था.

गौर करें कि जिस अस्पताल को बनाने के लिए टेंडर के आवेदन की नोटिस ही 11 अगस्त 2021 तक की थी, वो अस्पताल 27 जून 2020 तक कैसे बन सकता है. यानी, कई भाजपा नेताओं और सोशल मीडिया यूज़र्स ने दिल्ली के किराड़ी में प्रस्तावित अस्पताल को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक दावा चलाया कि PWD के वेबसाइट पर मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक ये अस्पताल 2020 में ही बनकर तैयार हो गया था. जबकि ऑल्ट न्यूज़ की जांच में सामने आया कि PWD की वेबसाइट पर मौजूद डॉक्युमेंट्स ही इस दावे को खारिज़ करते हैं.

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Abhishek is a journalist at Alt News.