24 अक्टूबर को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा टोयोटा कैमरी कार से दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचीं. शहर में हुए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के बाद, उन्हें ‘पीस बॉन्ड’ भरने की कार्यवाही के सिलसिले में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया था. हालांकि, नेहा बोरा ने इस बॉन्ड पर साइन करने से इनकार कर दिया.

इसके बाद, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि ये लग्ज़री कार उनकी है. लोगों ने सवाल उठाया कि एक छात्रा 60-70 लाख रुपये की कीमत वाली गाड़ी कैसे खरीद सकती है.

‘तेजश’ (@lord_geopolitic) नामक एक X अकाउंट ने नेहा बोरा की एक तस्वीर के साथ उस कार का रजिस्ट्रेशन नंबर शेयर किया. इस यूज़र ने AISA अध्यक्ष को “कम्युनिस्ट धोखेबाज” कहा और सवाल उठाया कि JNU के स्कूल ऑफ़ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में PhD कर रही नेहा बोरा इतनी महंगी गाड़ी कैसे खरीद सकती हैं. साथ ही, उन्होंने ‘ग्रोक’ (Grok) से नेहा की कमाई के सोर्स के बारे में भी पूछा. इस पोस्ट को लगभग 727,100 बार देखा गया और 600 से ज्यादा बार शेयर किया गया. (आर्काइव)

एक और X यूज़र, मोनिका वर्मा (@TrulyMonica) ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें कार को पुलिस स्टेशन में जाते हुए दिखाया गया है. यूज़र ने दावा किया, “केवल भारत में ही बेरोज़गार छात्र लग्ज़री कारों में घूम सकते हैं.” इस पोस्ट से ये भी संकेत मिलता है कि वो गाड़ी नेहा बोरा की है. इस पोस्ट को लगभग 3,80,000 व्यूज़ और 3,000 से ज़्यादा शेयर मिले. (आर्काइव)

कई अन्य यूज़र्स ने भी इसी तरह के दावे किए और सवाल उठाया कि एक छात्रा होने और विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के बावजूद, नेहा बोरा एक “लक्ज़री” कार में सफर करने का खर्च कैसे उठा सकती है. कुछ पोस्ट में तो यहां तक इशारा किया गया कि प्रदर्शनकारी छात्रों को “मोदी और भारत को बुरा-भला कहने” के लिए अनजान सोर्स से फंडिंग मिल रही है.

इनमें से कुछ दावों को नीचे दी गई गैलरी में दिखाया गया है:

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फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने कार के बारे में जानकारी लेने के लिए नेहा से संपर्क किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि वो कार उनकी नहीं, बल्कि उनके वकील अभिक चिमनी की है. उन्होंने आगे बताया कि उनके पास अपनी कोई गाड़ी नहीं है. उन्होंने कहा, “मेरे पास अपनी कोई कार या कोई अन्य गाड़ी नहीं है. वो कार मेरे वकील अभिक चिमनी की है. उनका करियर इतना सफल है कि वे कार खरीद सकते हैं, और वे इतने उदार भी हैं कि उन्होंने मुझे उसी कार में मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के अंदर तक ले जाने की पेशकश की.”

नेहा बोरा ने ऑल्ट न्यूज़ को बताया, “पुलिस स्टेशन के बाहर एक भीड़ जमा थी जो ‘नेहा बोरा मुर्दाबाद’ और ‘देश के गद्दारों को, जूते मारो सालों को’ जैसे नारे लगा रही थी… दिल्ली पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए तब तक कोई कदम नहीं उठाया, जब तक कि अभिक ने मजिस्ट्रेट से विशेष रूप से इस बारे में बात नहीं की और उनसे पुलिस स्टेशन के बाहर के आक्रामक और संभावित रूप से हिंसक माहौल को संभालने के लिए कदम उठाने का अनुरोध नहीं किया.”

वीडियो में नंबर प्लेट दिखाई दे रही है, जो है: DL12CY3747। ऑल्ट न्यूज़ को वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट (RC) मिला, जिससे पता चलता है कि इसी नंबर प्लेट वाली सफ़ेद टोयोटा कैमरी हाइब्रिड EV, नेहा बोरा के वकील अभिक चिमनी की है.

24 अक्टूबर को नेहा बोरा के साथ AISA के पूर्व अध्यक्ष एन. साई बालाजी, मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन गए थे. ऑल्ट न्यूज़ से बात करते हुए उन्होंने स्टेशन के बाहर की स्थिति के बारे में नेहा के बयान की पुष्टि की.

बालाजी के मुताबिक, वे और नेहा बोरा शुरुआत में एक कैब से वहां पहुंचे थे. वहां उन्हें लगभग 40 लोग इकठ्ठा दिखे, जिन्हें उन्होंने राईटविंग समर्थक बताया. ये लोग कथित तौर पर नेहा बोरा के खिलाफ नारे लगा रहे थे और उनकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे थे. बालाजी ने बताया कि उन्होंने पुलिस के सामने नेहा बोरा की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और उनसे प्रवेश द्वार को खाली कराने का अनुरोध किया. पुलिस ने सुझाव दिया कि नेहा बोरा किसी निजी वाहन से अंदर आएं और कहा कि वे पुलिस एस्कॉर्ट के साथ एक कार को पुलिस स्टेशन के अंदर आने की अनुमति दे देंगे.

इस घटना के बाद, नेहा बोरा ने इंस्टाग्राम पर पूरी स्थिति के बारे में बताया. उन्होंने लिखा कि पुलिस स्टेशन से लगभग 100 मीटर की दूरी पर 50-60 गुंडे जमा हो गए थे, जो कथित तौर पर उनके खिलाफ धमकी भरे नारे लगा रहे थे.

 

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कुल मिलाकर, ये दावा ग़लत है कि नेहा बोरा के पास 60-70 लाख रुपये की टोयोटा कैमरी है. नेहा ने कहा कि उनके पास कोई गाड़ी नहीं है और वायरल वीडियो में दिख रही कार की आरसी (RC) में उनके वकील, अभिक चिमनी का नाम इसके रजिस्टर्ड मालिक के रूप में दर्ज है.

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