फ़ेसबुक और ट्विटर यूज़र्स पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली का एक पोस्टर शेयर कर रहे हैं. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि ये पोस्टर अलग-अलग पार्टी चिन्ह और रंग में देखे जा रहे हैं. किसी पोस्टर में गांगुली भगवा कुर्ता पहने हैं और पीछे भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल छपा है तो किसी पोस्टर में उन्होंने हरा कुर्ता पहना है और पीछे तृणमूल कांग्रेस का चिन्ह है. एक अन्य पोस्टर में उन्हें लाल कुर्ते में देखा जा सकता है और पीछे CPI(M) का चुनाव चिन्ह दिख रहा है. इन सभी पोस्टर्स पर बंगाली में टेक्स्ट लिखा है, “স্বাগতম দাদা (स्वागतम दादा)”
नीचे फ़ेसबुक पर वायरल तीनों पोस्टर देखे जा सकते हैं.
ये तस्वीर कई यूज़र्स शेयर कर रहे हैं.

कुछ ट्विटर यूज़र्स भी ये पोस्टर्स शेयर कर रहे हैं.
স্বাগতম দাদা।।।।।
এবার বাংলায় দাদাকে চাই।।।।।
বাংলায় নতুন পরিবর্তন চাই।।
খেলা হবে।।।।
জমিয়ে খেলা হবে।।।।।।।
😎😎😎😎😎😎😎😎😎😎😎😎😎 pic.twitter.com/Y78PxHli9F— Rinku Modak…🇮🇳🚩 (@jai_Bhagwa) March 2, 2021
फ़ोटोशॉप की गयी तस्वीर
हमने तस्वीर का रिवर्स इमेज सर्च किया और ओरिजिनल तस्वीर Pinterest पर मिली. यहां इसके बारे में जानकारी दी गयी है कि ये तस्वीर एक अगरबत्ती कम्पनी के विज्ञापन की है. सौरव गांगुली इस पोस्टर में साइकिल रिद्म (Cycle Rythm) अगरबत्ती का विज्ञापन कर रहे हैं.
नीचे ओरिजिनल तस्वीर में देखा जा सकता है कि पीछे कोई पार्टी चिह्न नहीं, बल्कि कंपनी का लोगो है. फ़ोटोशॉप करके उनके पीछे पार्टी का पोस्टर तो लगाया ही गया है, उनके कुर्ते का रंग भी पार्टी चिह्न के मुताबिक बदला गया है.

सौरव गांगुली ने विज्ञापन की ऐसी ही एक मिलती-जुलती तस्वीर ट्वीट भी की थी जिसमें यही गेरुआ कुर्ता पहनें हैं और पीछे कंपनी का लोगो है.
The sweet smell of cycle rhythm agarbatti pic.twitter.com/YCa8X8Nmrv
— Sourav Ganguly (@SGanguly99) September 4, 2016
ये पूरा विज्ञापन कंपनी के यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है. वीडियो 5 अक्टूबर, 2016 को अपलोड हुआ था. यानी, ये विज्ञापन करीब 4 साल से ज़्यादा पुराना है.
इस तरह के पोस्टर्स वायरल होने की वजह है आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव. किसी भी चुनाव से ठीक पहले पार्टियों में नए लोगों के जुड़ने और समीकरण बदलने की बात बहुत आम है. सौरव गांगुली के बारे में लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं कि वो राजनीति में कदम रखेंगे और बंगाल चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर खड़े होंगे. कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया रैली से पहले भी लोगों ने संभावनाएं जताई थीं कि वो इस रैली में शामिल हो सकते हैं. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था कि अभी पार्टी से गांगुली की ऐसी कोई बात नहीं हुई है. लेकिन अगर गांगुली पार्टी में शामिल होते हैं तो वो उनका स्वागत करेंगे. आज तक ने 8 मार्च को सौरव गांगुली से बात की. उन्होंने अभी तक किसी पार्टी में शामिल होने या राजनीति में कदम रखने पर कोई ठोस बयान नहीं दिया है.
हमने पाया कि अधिकतर यूज़र्स ने तीनों पोस्टर्स साथ में शेयर किये हैं और गांगुली के पॉलिटिक्स में आने वाली ख़बरों पर चुटकी ली है.

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सौरव गांगुली के कुछ पोस्टर्स वायरल हो रहे जिनमें उनके पीछे अलग-अलग पार्टियों के चिह्न दिख रहे हैं. इन सभी पोस्टर्स को गांगुली की एक ही तस्वीर से बनाया गया है जो एक विज्ञापन की तस्वीर है. इन पोस्टर्स पर एक ही टेक्स्ट ‘স্বাগতম দাদা’ (हिंदी में ‘स्वागतम दादा’) लिखा हुआ है. पोस्टर्स बनाने का मकसद गांगुली के राजनीतिक पार्टी जॉइन करने वाली अफ़वाहों पर तंज़ कसना मालूम होता है जिसे कुछ लोगों ने सच मान लिया.





