फर्ज़ी व्हाट्सएप्प चैट से बालाकोट हवाई हमले में 292 आतंकवादियों के मरने का झूठा दावा

ट्विटर यूजर शेखर चहल ने कथित रूप से बालाकोट के रहने वाले एक पाकिस्तानी के साथ व्हाट्सएप्प चैट, इस दावे से शेयर किया कि भारतीय वायुसेना के हालिया हवाई हमले में जैश-ए-मोहम्मद के 292 आतंकवादी मारे गए। चहल को ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फॉलो करते हैं।

इस चैट में, चहल के ‘दोस्त’ ने कहा कि उनकी मां बालाकोट मेडिकल यूनिवर्सिटी में डीन हैं और मारे गए आतंकवादियों के शरीर की जांच की जिम्मेवारी उन्हीं पर थी।

चहल ने यह कथित चैट अपने फेसबुक प्रोफाइल पर भी शेयर किया है।

Exclusive #PROOF of #AirStrikes
One of My Friend’s Known From PAKISTAN Claimed That Around 292 Terrorists Killed in…

Posted by Shekhar Chahal on Monday, 4 March 2019

कोई ‘बालाकोट मेडिकल यूनिवर्सिटी’ है ही नहीं

ऑल्ट न्यूज़ ने गूगल पर बालाकोट मेडिकल यूनिवर्सिटी की खोज की तो सर्च इंजन से कोई परिणाम नहीं मिला। चहल ने यह दावा करते हुए, यूनिवर्सिटी से संबंधित एक लिंक ट्वीट किया था। लेकिन इस लिंक में मेडिकल कॉलेज का कोई जिक्र नहीं है। कुछ यूजर्स ने इसे झूठा आक्षेप माना।

 

ऑल्ट न्यूज़ ने बालाकोट में विद्यमान किसी मेडिकल यूनिवर्सिटी की गूगल मैप में तलाश की तो गूगल मैप ने जिस प्रकार आसपास के इलाकों के विश्वविद्यालयों को दिखलाया, उससे ऐसा लगता है कि बालाकोट में कोई मेडिकल कॉलेज भी नहीं है। निकटतम विश्वविद्यालय, आज़ाद जम्मू एंड कश्मीर मेडिकल कॉलेज है जो बालाकोट से 40किमी दूर स्तिथ है।

 

वायुसेना द्वारा हवाई हमले में मारे गए लोगों की संख्या बताया जाना अभी बाकी है। हाल की एक प्रेस ब्रीफिंग में एयर वाईस-मार्शल आरजीके कपूर ने कहा की मारे गए लोगों की संख्या तय करना अभी जल्दबाजी है। एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने 4 मार्च को कहा कि मारे गए लोगों की गिनती करना वायुसेना का काम नहीं है और इस तरह के ब्यौरे सरकार देती है। दूसरी ओर, सरकार ने जो केवल एक ब्यौरा दिया है, वह केंद्रीय मंत्री एसएस अहलूवालिया का बयान है कि बालाकोट में भारतीय वायुसेना का हमला ‘लोगों को मारने’ के इरादे से नहीं, बल्कि यह संदेश देने के लिए था कि दुश्मन की सीमा में काफी अंदर घुसकर हमला करने में भारत सक्षम है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दावों वाले बयान, कि बालाकोट हवाई हमले में 250 आतंकवादी मारे गए, का समर्थन करने वाला कोई प्रमाण नहीं है। वास्तव में, रक्षामंत्री ने खुद कहा कि बताए जाने के लिए “कोई संख्या नहीं” है।

व्हाट्सएप्प चैट में उर्दू संबंधी त्रुटियां

चहल द्वारा अपलोड किए गए व्हाट्सएप्प चैट में उर्दू संबंधी त्रुटियां स्पष्ट रूप से इसके फर्जी होने का संकेत देती हैं। इस चैट में अनेकों सामान्य उर्दू शब्द त्रुटिपूर्ण हैं।

उदाहरण के लिए, ‘नज़दीकी (nazdiki)’ को ‘नजदीकी (najdiki)’; ‘परेशान (pareshan)’ को परेसान (paresan)’; ‘अल्हम्दुलिल्लाह (Alhamdulillah)’ को ‘अल्लामुद्दीयाह (Allamuddiah)’; ‘तशरीफ (tashreef)’ को ‘तसरीफ (tasreef)’ लिखा गया है।

कुछ दूसरे शब्द, जैसे ‘घायलो (ghayalo)’ और ‘आतंकवाद (aantankvaad)’ हिंदी के शब्द हैं। पाकिस्तान में रहने वाला, उर्दू में धाराप्रवाह व्यक्ति, पहले शब्द के लिए ज़ख्मी (zakhmi) और बाद वाले के लिए ‘दहशतगर्दी (dehshatgardi)’ का इस्तेमाल करेगा।

इसके अलावा, इस चैट में कुछ वाक्य निरर्थक हैं और ऐसा लगता है मानो उर्दू के शब्द जबरन बीच वाक्य में डाल दिए गए। “Par ye galat hai na loc cross krna..khair allah fitrat kre (पर ये गलत है न एलओसी क्रॉस करना..खैर अल्लाह फितरत करे)” -यह ऐसा ही एक संदेश है जो चहल के ‘दोस्त’ ने सीमा पार से भेजा था। यहां ‘फितरत (fitrat)’ शब्द, जिसका अर्थ आचरण या आदत है, लागू नहीं होता। इस ‘दोस्त’ का मतलब शायद ‘अल्लाह खैर/हिफाजत करे’ जैसा कुछ होगा।

एक और वाक्य “aur allamuddiah media bhi imran ke ishare pe chalti hai (और अल्लामुद्दीयाह मीडिया भी इमरान के इशारे पे चलती है)” में allamuddiah शब्द निरर्थक है। इसके शुद्ध स्वरूप ‘अल्हम्दुलिल्लाह (Alhamdulillah)’ का अर्थ भगवान की स्तुति से है और उनकी कृपा के लिए धन्यवाद के तौर पर इसका उपयोग किया जाता है।

बालाकोट हवाई हमले के बाद, व्यापक रूप से भ्रामक सूचनाएं ऑनलाइन प्रसारित होती हुई दिख रही हैं जिनमें कई यूजर्स झूठे वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करके यह साबित करने में लगे हैं कि हवाई हमले से पाकिस्तान में बड़ा नुकसान हुआ है।

 

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