ट्विटर और फ़ेसबुक पर दो तस्वीरें खूब वायरल हैं जिसमें एक मंदिर का निर्माण दिख रहा है. इसके साथ लोग कैप्शन लिख रहे हैं, “अयोध्या प्रभु श्री राम जी की मंदिर निर्माण का पहला तस्वीर है। जिन भाईयों को देखकर ख़ुशी हुई, तो एक बार सच्चे दिल से आप #जय_श्री_राम बोल दे।” ट्विटर यूज़र साध्वी प्रिया मिश्रा के इस ट्वीट को 1,000 से ज्यादा लोगों ने लाइक और आर्टिकल लिखे जाने तक 240 से ज़्यादा बार रीट्वीट किया. (आर्काइव लिंक)

एक वेरिफ़ाइड फे़सबुक पेज “Gomata Gau seva Trust” ने भी इसी दावे के साथ ये तस्वीर शेयर की. (आर्काइव लिंक)

अयोध्या प्रभु श्री राम जी की मंदिर निर्माण का पहला तस्वीर है।
जिन भाईयों को देखकर ख़ुशी हुई, तो एक बार सच्चे दिल से आप #जय_श्री_राम बोल दे।।।

Posted by Gomata Gau Seva Trust on Saturday, October 31, 2020

फ़ेसबुक ग्रुप ‘करणी सेना के साथ है तो इस ग्रुप को अभी join करे‘ (आर्काइव लिंक) में पोस्ट की गयी इस तस्वीर को भी 200 से ज़्यादा लोगों ने शेयर किया. इसी तरह एक अन्य ग्रुप ‘अगले मुख्यमंत्री हनुमान जी बेनीवाल RLP‘ (आर्काइव लिंक) में भी ये तस्वीर शेयर की गयी.

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ऑल्ट न्यूज़ को इसके फ़ैक्ट चेक के लिए व्हाट्सऐप नंबर  (+91 76000 11160) पर रिक्वेस्ट भी भेजी गयी.

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर

इस तस्वीर का रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें हिंदुस्तान टाइम्स की 30 अक्टूबर की एक रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट के मुताबिक तस्वीर में दिख रहा निर्माण वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना का है. इसका शिलान्यास 8 मार्च, 2019 को पीएम मोदी ने किया था. इसके अगस्त 2021 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि काशी विश्वनाथ घाट के पास बनाये जा रहे इस कॉरिडोर में कुल 24 इमारतें बननी हैं जिनमें से 9 ईमारत का ढांचा बन चुका है. दैनिक जागरण ने भी 27 अक्टूबर को यही रिपोर्ट किया था.

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लोग बनारस में चल रहे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण की तस्वीर शेयर करते हुए ग़लत दावा कर रहे हैं कि ये अयोध्या राम मंदिर की पहली तस्वीर है. राम मंदिर के निर्माण से जुड़ीं ग़लत सूचनाएं पहले भी शेयर की गयीं हैं. जैसे, मुंबई से म्यूज़िकल बैंड ने स्पेन में फ़ोक म्यूज़िक फ़ेस्टिवल में हिस्सा लिया था जिसे स्पेन में राम मंदिर की ख़ुशी मनाये जाने का वीडियो बताकर शेयर किया गया था. सितम्बर में हैदराबाद के मंदिर की तस्वीर राम मंदिर भूमि पूजन के नाम पर वायरल हुई थी. इसी तरह, तमिलनाडु में बनाये गये एक 600 किलो के घन्टे को राम मंदिर के लिए यूपी में बनाया गया 2100 किलो का घंटा बताकर शेयर किया गया था.

ग़लत
दावा:
राम मंदिर निर्माण की पहली तस्वीर

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