फेसबुक पेज ‘नरेंद्र मोदी – ट्रू इंडियन‘ ने 22 जनवरी को यह दावा करते हुए एक पोस्ट किया कि सैयद सलाहुद्दीन के नाम से प्रसिद्ध सैयद मोहम्मद यूसुफ शाह ने 1987 में कांग्रेस के टिकट पर कश्मीर विधानसभा का चुनाव लड़ा था। सलाहुद्दीन, एक अलगाववादी कश्मीरी आतंकी और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख है। इस लेख को लिखते समय तक पोस्ट को 5,600 से ज्यादा बार शेयर किया जा चूका है।

इस पोस्ट के साथ ‘द फीयरलेस इंडियन’ की मुहर थी। इससे हम इस नाम के एक फेसबुक पेज तक पहुंचे जिसने 2017 में यह इंफोग्राफ बनाया था। उसके लगभग 9,000 शेयर हैं।

 

सच क्या है?

यह दावा, कि सलाहुद्दीन ने 1987 में कांग्रेस के टिकट पर कश्मीर एमएलए सीट के लिए चुनाव लड़ा था, झूठा है। उसने, दरअसल, मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट (MUF) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। कई मीडिया संगठनों — द कारवान, राइजिंग कश्मीर, इंडिया टुडे — ने इस मुद्दे पर खबर किया गया था, खासतौर से इसलिए, क्योंकि 1987 के चुनाव, कश्मीर के राजनीतिक इतिहास में आमूलचूल परिवर्तनकारी थे।

सैयद सलाहुद्दीन ने 1987 के चुनाव अमीरा कदल विधानसभा क्षेत्र से लड़ा था।

2017 से वायरल झूठा दावा

सैयद सलाहुद्दीन ने 1987 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, यह झूठा दावा 2017 से वायरल है। नकली समाचार वेबसाइट ‘पोस्टकार्ड न्यूज़’ (लेख अब हटा दिया गया) और वेबसाइट ‘कश्मीर न्यूज़ ऑब्जर्वर‘ ने दैनिक भास्कर को सूचना का स्रोत बताते हुए लेख प्रकाशित किया था। हालांकि, दैनिक भास्कर को गलत उद्धृत किया गया था, क्योंकि उस मीडिया संगठन ने खुद लिखा था कि सलाहुद्दीन MUF का प्रतिनिधित्व कर रहा था। ‘द क्विंट‘ ने 2017 में ही उस गलत खबर को खारिज किया था।

स्वाभाविक रूप से संभावित — अंशुल सक्सेना, गौरव प्रधान, महेश विक्रम हेगड़े, ऋषि बागरी — ने इन गलत दावे को फैलाने में सबसे आगे थे।

निष्कर्ष यह है कि सैयद सलाहुद्दीन ने 1987 के कश्मीर चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर नहीं, बल्कि मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

 

वर्गीकरण करना कठिन

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