सोशल मीडिया पर एक क्लिप वायरल है जिसमें प्रदर्शनकारी की एक बड़ी भीड़ मशाल रैली निकाल रही है. उन्हें ये कहते हुए सुना जा सकता है, “यूपी पुलिस आगे बढ़ते रहो, हम आपके साथ हैं; योगी जी आगे बढ़ते रहो, हम आपके साथ हैं; यूपी पुलिस आगे बढ़ो और अपनी लाठियां चलाओ, हम आपके साथ हैं.” वीडियो शेयर करते हुए यूज़र्स का दावा है कि ये ‘आई लव महादेव’ विरोध का हिस्सा है और उत्तर प्रदेश के जेनज़ी पुलिस के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए मार्च कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में ‘आई लव मुहम्मद’ प्रदर्शनों के जवाब में ‘आई लव महादेव’ विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ. ये प्रदर्शन 4 सितंबर को कानपुर के रावतपुर इलाके में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी समारोह (इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद का जन्मदिन) के दौरान ‘आई लव मुहम्मद’ साइनबोर्ड प्रदर्शित करने के बाद शुरू हुए जिससे सांप्रदायिक तनाव फैल गया. इसके बाद आरोप, प्रत्यारोप, FIR, हिरासत और गिरफ़्तारियां हुईं. इससे जुड़ी एक घटना में 26 सितंबर को बरेली में भी हिंसा की ख़बरें थीं.

X यूज़र मेघ अपडेट्स (@MeghUpdates) (जिन्हें पहले कई बार सांप्रदायिक ग़लत सूचनाओं को बढ़ावा देते हुए पाया गया है) ने 30 सितंबर को ये क्लिप इस कैप्शन के साथ पोस्ट की: “I महादेव: GenZ नारे के साथ सड़कों पर उतरे – ‘यूपी पुलिस तुम लठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं.’ ‘योगी जी आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं.”

इस फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट के लिखे जाने तक इस पोस्ट को 3,22,800 से ज़्यादा बार देखा गया है और 6 हज़ार से ज़्यादा बार रीपोस्ट किया गया है. (आर्काइव)

कई यूज़र्स, जैसे  @Hinduism_sci@nidhisj2001@AmitLeliSlayer ने वायरल क्लिप शेयर करते हुए दावा किया कि इसमें ‘आई लव महादेव’ के चलते विरोध रैली दिखाई गई है जहां यूपी के युवाओं ने पुलिस के साथ एकजुटता दिखाई.

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फ़ैक्ट-चेक

इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने इसके फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें 25 सितंबर का एक इंस्टाग्राम पोस्ट मिला जिसमें बिना ऑडियो के यही क्लिप पोस्ट की गई थी.

इसके अलावा, हमने देखा कि उपरोक्त पोस्ट के कैप्शन में एक यूज़र, @nareshmeenaofficial को टैग किया गया था. प्रोफ़ाइल की जांच करने पर हमने पाया कि नरेश मीना एक राजनेता और राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व महासचिव थे. उनकी टाइमलाइन में हमें उसी रैली का एक अलग ऐंगल से शूट किया गया एक और वीडियो मिला.

इस पोस्ट के कैप्शन में कहा गया है: “झालावाड़-पिपलोदी दुर्घटना में मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए बेटे अनिरुद्ध के नेतृत्व में ‘विशाल मशाल जुलूस’ जयपुर.” इस वीडियो में लोग “न्याय दो, न्याय दो” के नारे लगा रहे हैं न कि “यूपी पुलिस हम तुम्हारे साथ हैं.” 

छानबीन में सामने आया कि ये विरोध 25 जुलाई को राजस्थान के झालावाड़ ज़िले के पिपलौदी गांव में हुई एक दुर्घटना से संबंधित था जहां एक सरकारी स्कूल की छत गिर गई थी. इसमें 7 छात्रों की मौत हो गई थी और 28 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

 

 

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हमने वायरल क्लिप में दिख रही जगह को जियोलेकेट किया और पुष्टि की कि वीडियो असल में जयपुर, राजस्थान के गोपालपुरा रोड का था.

इसके अलावा, हमें मीडिया आउटलेट्स की न्यूज़ रिपोर्ट और वीडियो रिपोर्ट मिलीं. इनमें जयपुर में मशाल रैली को कवर किया गया था. उनमें से किसी ने भी ‘आई लव महादेव’ विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं बताया.

हमें वायरल क्लिप के संबंध में 1 अक्टूबर को यूपी पुलिस द्वारा की गई एक X पोस्ट भी मिली. यूपी पुलिस ने अपने पोस्ट में कहा: “ये वीडियो 25 सितंबर, 2025 को राजस्थान (जयपुर) में मशाल जुलूस का है जिसे सोशल मीडिया पर एक फ़र्ज़ी वॉयसओवर जोड़कर पोस्ट किया जा रहा है.”

कुल मिलाकर, ये साफ है कि उत्तर प्रदेश में ‘आई लव महादेव’ विरोध रैली दिखाने का दावा करने वाली वायरल क्लिप असल में जयपुर, राजस्थान की है और इसका ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद से कोई संबंध नहीं है.

ग़लत
दावा:
उत्तर प्रदेश में 'आई लव महादेव' के समर्थन में विरोध रैली का वीडियो

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