@RahulGandhi की टीम की एक और प्रतिभा अशोक गहलोत @INCIndia राज – “सरकार बिजली उत्पादन के लिए बांध बना रही है। एक बार बिजली निकालने के बाद, पानी खेतों के लिए छोड़ दिया जाएगा। लेकिन पावर पानी से निकाल लिया है, इसलिए खेतों में ऐसे पानी का क्या उपयोग, जिसमें पावर नहीं है?” (अनुवाद)  भाजपा सांसद और मीडिया-सामंत राजीव चंद्रशेखर ने राजस्थान कांग्रेस नेता अशोक गेहलोत के एक वीडियो क्लिप के साथ इस संदेश को ट्वीट किया था। ट्वीट को अब हटा दिया गया है।


16-सेकेंड की वीडियो क्लिप में, गहलोत यह कहते सुनाई पड़ते हैं, “जब पानी में से बिजली निकल जाएगी और पानी खेतों में जाएगा आपके खेतों में जाएगा, तो पानी में से बिजली निकल जाएगी तो ताकत ही निकल जाएगी। फिर खेतों में पानी काम क्या आएगा।”

शरारतपूर्वक संपादित वीडियो क्लिप

ऑल्ट न्यूज़ ने पहले ही, जून 2018 में, सोशल मीडिया में प्रसारित अशोक गहलोत की इस वीडियो क्लिप की सच्चाई बताई थी। वीडियो को शेयर करने वालों में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा भी शामिल थे।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कांग्रेस पार्टी और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री की खिल्ली उड़ाते हुए हैशटैग #साइंटिस्ट गहलोत (#ScientistGehlot) के साथ इस वीडियो को ट्वीट किया था।


26 मई को कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, यह उसी का विडियो है। जैसा कि वीडियो को देखते हुए यह स्पष्ट हो जाता है कि गहलोत बीजेपी के मूल संगठन जनसंघ का जिक्र कर रहे हैं। गहलोत के अनुसार जब वह छोटे थे तो उन्होंने देखा था कि कैसे जनसंघ के कार्यकर्ता भाखड़ा बांध के बारे में गलत जानकारी फैला रहे थे कि पानी से बिजली निकाल देने से पानी बेकार हो जाएगा। इस बांध का उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था। गहलोत ने कहा था- “मुझे याद है बचपन में जब जनसंघ हुआ करता था ये लोग, भाखरा डैम बना था। ये जनसंघ वाले घूम-घूम कर प्रचार करते थे कि पंडित नेहरु का दिमाग ख़राब हुआ है, ये बांध बना रहा है, उसमें बिजली घर बनाएगा और जब पानी में से बिजली निकल जाएगी पानी खेतों में जाएगा आपके खेतों में जाएगा तो पानी में बिजली निकल जाएगी तो ताकत ही ख़त्म ही जाएगी तो आपके खेतों में पानी काम क्या आएगा। ये वो लोग है जनसंघ वाले। तो ये जो इनकी संस्कृति संस्कार जो बने हैं मोदी जी के और उनकी पार्टी के उस रूप में बने हुए हैं।”

सोशल मीडिया में मजाक उड़ाए जाने के बाद गहलोत ने उस वीडियो के लंबे संस्करण के साथ एक स्पष्टीकरण ट्वीट किया था। पहले भी उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का पूरा वीडियो पोस्ट किया था।

सोशल मीडिया में राजनीतिक प्रचार तेज़ी से फैलता है, और ऐसा भी नहीं है कि राजनितिक दुष्प्रचार सिर्फ गिने चुने ट्रॉल्स ही करते हैं। इंटरनेट पर थोड़ा सा शोध, चंद्रशेखर को गलत जानकारी प्रसारित नहीं करने में मदद कर सकता था। मगर वे अपनी झोंक में कांग्रेस पार्टी का मजाक उड़ाने में लग गए।

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