सोशल मीडिया पर एक CCTV फ़ुटेजवायरल है. इसे लोगों को सचेत करते हुए शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो में दिखता है कि एक महिला सड़क पर आने वाले गाड़ियों की तरफ देखती है. शायद वो किसी का इंतज़ार कर रही होती है. पीछे से एक लड़का फ़ोन पर किसी से बात करते हुए दूर खड़े कुछ लोगों को आने के लिए इशारा करता है. तभी कुछ लोग एक गाड़ी में आते हैं और पीछे खड़ा लड़का उस महिला को जबरदस्ती उस गाड़ी में बैठा देता है. और गाड़ी तेज़ी से निकल जाती है.

कई लोगों ने ये वीडियो शेयर किया है. कांग्रेस नेता अलका लांबा ने भी ये वीडियो कोट ट्वीट किया.

फ़ैक्ट-चेक

इस वीडियो के फ़्रेम्स का रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें कुछ खास परिणाम नहीं मिला. वीडियो को गौर से देखने पर पता चला कि ये किसी फ़ेसबुक पोस्ट को रिकॉर्ड किया गया वर्ज़न है. नीचे स्क्रीनशॉट में दिखता है इस फ़ेसबुक पेज का आधा नाम दिखता है. पेज ने वीडियो डरावने स्माइलीज़ के साथ पोस्ट किया था.

हमने ये फ़ेसबुक पेज ढूंढा. संजना गलरानी नाम का ये वेरिफ़ाइड फ़ेसबुक पेज हमें मिल गया. इस पेज के बायो में लिखा है कि जागरूकता फ़ैलाने के लिए स्क्रिप्टेड वीडियोज़ पोस्ट किये जाते हैं. हालांकि, हमें ये वीडियो इस पेज पर नहीं मिला. लेकिन हमने देखा कि पेज ने ऐसे कई वीडियोज़ पोस्ट किये हैं जिसे जागरूकता फ़ैलाने के मकसद से बनाया गया हो. इन वीडियोज़ में वायरल वीडियो की तरह ही घटनाक्रम को टेक्स्ट के ज़रिये समझाया गया है. और लाल घेरे में व्यक्ति को पॉइंट आउट किया गया है.

हमने इस पेज से पोस्ट किये गए एक वीडियो से वायरल वीडियो की तुलना की. जैसा कि नीचे तस्वीर में दिख रहा है- कैमरे का नाम CM2, समय और तारीख़ का फॉर्मेट बिलकुल एक जैसा है. यहां तक कि वीडियो में घटनाक्रम को बताने वाला टेक्स्ट का फॉर्मेट भी एक ही है.

हमने इस पेज से संपर्क करने की कोशिश की है. जवाब मिलने पर इस आर्टिकल को अपडेट किया जायेगा. ऑल्ट न्यूज़ ने इससे पहले भी ऐसे कई वीडियोज़ के बारे में रिपोर्ट पब्लिश की है जिन्हें असल घटना समझकर शेयर किया गया था. नीचे ऐसे कुछ आर्टिकल्स के लिंक दिए गए हैं.

ग़लत
दावा:
लड़की का अपहरण किये जाने का CCTV फ़ुटेज

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