मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने दीवाली के दौरान पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे नहीं फोड़ने की अपील अभियान चलाई. इस अभियान के लिए BMC ने क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे, अभिनेत्री दीया मिर्जा, हर्षदा खानविलकर, माधुरी दीक्षित और निशिगंधा के वीडियो सोशल मीडिया हैन्डल X अपलोड किये. वीडियो में सारे सेलिब्रिटी जनता से पटाखे न फोड़ने और प्रदूषण कम करने में सहयोग करने की अपील करते हैं.

हालांकि, BMC के इस अभियान को लेकर राजनीतिक विवाद तब खड़ा हो गया, जब अभिनेत्री दीया मिर्जा को अभियान में शामिल किए जाने पर मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमीत साटम और राइट विंग इंफ्लुएंसर अंकुर सिंह समेत कई ने आपत्ति जताई, जिसके बाद BMC ने दीया मिर्जा वाला वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल से हटा दिया.

दरअसल, 15 अक्टूबर 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने शोर और पर्यावरण प्रदूषण से संबंधित स्वतः संज्ञान वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए BMC को निर्देश दिया था कि त्योहारों के दौरान सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने पर पूरे साल प्रतिबंध रहेगा. यह प्रतिबंध केवल दीवाली तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी त्योहारों पर लागू होगा.

कोर्ट ने BMC और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) को निर्देश दिया था कि वे अखबारों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को इस प्रतिबंध की जानकारी दें. साथ ही पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के नुकसान के बारे में जागरूकता अभियान में सेलिब्रिटी को शामिल करने पर विचार करने को भी कहा था. कोर्ट ने मुंबई पुलिस आयुक्त को सभी पुलिस थानों के प्रभारी अधिकारियों को इन निर्देशों की जानकारी देने और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए SOP तैयार करने का निर्देश भी दिया था.

BMC ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से 27 अक्टूबर 2026 को अभिनेत्री हर्षदा खानविलकर और 30 अक्टूबर 2026 को भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे के वीडियो अपलोड किये. इसके बाद BMC ने 31 अक्टूबर को अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड के वीडियो भी शेयर किये. इन सभी वीडियोज़ में मुंबईवासियों से बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करने और सार्वजनिक सड़कों, गलियों तथा फुटपाथों पर पटाखे नहीं फोड़ने की अपील की गई.

This slideshow requires JavaScript.

इसी क्रम में BMC ने 1 नवंबर 2026 को अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा का भी एक वीडियो शेयर किया, जिसमें बाक़ी सेलिब्रिटी के समान ही दीवाली के दौरान पटाखों की आवाज़ से होने वाले प्रदूषण को रोकने और पर्यावरण के अनुकूल त्योहार मनाने की अपील की गई.

BJP समर्थकों/नेताओं की आपत्ति

दीया मिर्ज़ा की अपील के तुरंत बाद राइट विंग इंफ्लुएंसर अंकुर सिंह ने महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फंडनवीस, मुंबई महापौर रितु तावड़े और भाजपा के महाराष्ट्र इकाई को मेंशन कर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “BJP के नेतृत्व वाली BMC अपने अभियान के लिए ‘मोदी विरोधी’ दीया मिर्ज़ा को काम पर रख रही है. और वह भी दीवाली के पटाखों के खिलाफ. समर्थकों पर FIR हो रही है, जबकि विरोधियों को काम दिया जा रहा है.”

मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने BMC को टैग कर लिखा, “हमें दीया मिर्ज़ा से यह सीखने की ज़रूरत नहीं है कि #Diwali कैसे मनाएं. हमारी परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से जुड़ी हुई हैं.”

सुदर्शन न्यूज के सुरेश चव्हाणके ने भी मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम के प्रतिक्रिया का समर्थन करते हुए लिखा, “मुंबई भाजपा अध्यक्ष ने मुंबई महापालिका BMC के हिंदू द्रोह पर हमला कर दिया.”

अमीत साटम और राइट विंग हैंडल्स के प्रतिक्रिया के बाद BMC ने दीया मिर्ज़ा वाला वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल से हटा दिया. हालांकि, BMC ने वीडियो हटाने के पीछे कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई और ना ही किसी तरह का कोई स्पष्टीकरण दिया.

शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी ने IANS से कहा, “जिस दीया मिर्ज़ा के नाम में दिया है, उनको पता होना चाहिए कि festival of lights इसका मतलब है दीपावली, और हर एक नागरिक को पता है कि pollution (प्रदूषण) के ऊपर ध्यान देना हैं, फटाके नहीं फोड़ना है, ताकि हम सुरक्षित रहे क्योंकि जहां जान है जहां है. लेकिन किसी व्यक्ति की प्रवचन की आवश्यकता नहीं है ये introspection (आत्मनिरीक्षण) हमें ख़ुद करना है.”

महाराष्ट्र केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने IANS से कहा कि “मुझे लगता है कि दीया मिर्जा एक फ़िल्म कलाकार है, मुस्लिम कम्युनिटी की है. ये कम्युनिटी का विषय नहीं है भारत देश ऐसा है, कि बाबा साहब अंबेडकर जी के संविधान ने हर धर्म को अपना अपना त्यौहार मनाने का अधिकार दे दिया है यहां आप लोग जानते हैं. कि जिस तरह मुस्लिम कम्युनिटी में ईद होती है, रमजान होता है तो वैसे में मतलब हिंदू लोग भी सम्मिलित होते हैं और उनके तरीके से वो अपना त्यौहार मनाते हैं, उसी तरह दिवाली मनाने वाले हिंदू समाज के जो लोग हैं तो पटाखे नहीं बजाएंगे तो मतलब वहां दिवाली में कोई अर्थ नहीं होगा, लेकिन ज्यादा प्रदूषण नहीं होना चाहिए, उसकी चिंता करके जिस तरह पुलिस डिपार्टमेंट ने जो गाइडलाइन दिया है उसके मुताबिक कुछ पटाखे उड़ाने का सबको अधिकार है और दीया मिर्जा ने इसी तरह का बयान देना ठीक नहीं है हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उनको कोई अधिकार नहीं है और इस बयान का हम विरोध करते हैं.”

महाराष्ट्र भाजपा के मंत्री नितेश राणे ने इंटरव्यू में कहा, “दीया मिर्जा जी ने जो कोई ट्वीट दिवाली के बारे में किया है. इस तरीके का ट्वीट हो, इस तरीके के एडवाइज हो, वो कभी ईद और मुहर्रम के वक्त और बकरी ईद के वक्त देते हुए हमको कभी दिखते नहीं है. जब होली आ जाती है, जभी दिवाली आ जाती है, तभी इनको एनवायरमेंट फ्रेंडली होली मना ऐसे बताया जाता है. कभी एनवायरमेंट फ्रेंडली रमजान खड़ा करके देखो, कभी एनवायरमेंट फ्रेंडली बकरी ईद मना के देखो. तब फिर हमको लगेगा कि यह सभी को राइट एडवाइज़री देते हैं. इसलिए इन जैसे लोग जो सनातन हिंदू धर्म विरोधी है इनको मुंबई महापालिके के माध्यम से अगर प्रोत्साहन दिया जा रहा होगा तो वह गलत है इस बारे में हम चीफ मिनिस्टर साहब से बात करेंगे और ये चीज चीजें वापस कैसी नहीं होंगी इसके ऊपर हम ध्यान डालेंगे.”

बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, “जो भी लोग हिंदुओं की भावनाओं के साथ खेलते हैं, उन्हें नहीं खेलना चाहिए. भारत में त्योहारों का बड़ा महत्व है. और मैं तो कहूंगा, प्रदूषण रोकने के 36 और तरीके हैं, वो भी अपनाने चाहिए. हमें अपने देश को साफ-सुथरा भी रखना चाहिए. लेकिन त्योहारों पर जान-बुझकर कुछ लोग एक बार बाद दूसरे ऐसी टिपण्नियां करते हैं, तो केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए.”

मुंबई की मेयर ने दीया मिर्जा को बताया ‘हिंदुत्व विरोधी’

मुंबई महापौर रितु तावड़े ने भी दीया मिर्जा के पटाखे न फोड़ने और प्रदूषण कम करने में सहयोग करने की अपील वाले वीडियो पर आपत्ति जताते हुए कहा, “अगर दीया मिर्जा का पूरा प्रोफ़ाइल हम देखेंगे. तो उसमें उन्होंने नर्मदा का विरोध किया है, यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) का विरोध किया है, पर्यावरण संकट जिसके लिए हम काम कर रहे थे उसके विरोध में भी बात किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टेटमेंट का विरोध किया.”

आगे रितु तावड़े ने दीया मिर्जा को हिंदुत्व विरोधी बताते हुए उन्हें सिखाने की ज़रूरत नहीं है कि हमें, हिंदुओं के तौर पर, दिवाली कैसे मनानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि दीया मिर्जा को भविष्य में किसी सरकारी परियोजना में शामिल नहीं किया जाएगा उन्होंने BMC ऑफिशियल पोर्टल पर तो बिल्कुल भी शामिल नहीं करने की बात कही.

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने इस विवाद में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “फ़िल्म अभिनेत्री दीया मिर्जा ने दिवाली के शुभ अवसर पर जो सदियों से हमारे देश में फटाके फोड़ने, रोशनाई करने और जगमगाहट करने इसकी जो एक परंपरा है उस परंपरा के खिलाफ बयान दिया है. यह निश्चित तौर पर आपत्तिजनक है. दीया मिर्जा को कोई अधिकार नहीं है हमारे धार्मिक मामलों में दखल देने का. मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि उनके समाज के लोग, उनके मजहब के लोग हर शुक्रवार को या अन्य त्यौहारों पे सड़क पे उतरकर नमाज पढ़ते हैं. क्या सड़क पर उतरकर नमाज पढ़ना जायज है? कभी दीया मिर्जा में इतनी हिम्मत हुई कि सड़क पर नमाज पढ़ने की परंपरा का विरोध करें ?”

आगे संजय निरुपम दीया मिर्जा को अपने (मुस्लिम) धर्म को लेकर कुछ नहीं बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे (हिंदू) मामले में टपक (दखल दी) गई.

इस पूरे विवाद पर अभिनेत्री दीया मिर्जा का भी एक बयान सामने आया जिसमें उन्होंने ANI से कहा, “किसी को उस वीडियो की बुराई क्यों करनी चाहिए जिसे माननीय बॉम्बे हाई कोर्ट और BMC ने मुझसे पब्लिक इंटरेस्ट में रिकॉर्ड करवाया है? एयर पॉल्यूशन चिंता का विषय है और पॉल्यूशन कम करने की सभी कोशिशों का स्वागत किया जाना चाहिए क्योंकि यह पब्लिक हेल्थ का मामला है.”

बॉम्बे हाईकोर्ट ने BMC को वीडियो दोबारा अपलोड करने का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 3 नवंबर को इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा, “भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे को कोई दूसरा रंग नहीं दिया जाना चाहिए.” जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने कहा कि दीया मिर्ज़ा ने कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, जागरूकता वीडियो बनाया था. कुछ नेताओं की टिप्पणियां सही नहीं थीं. कोर्ट ने BMC को वीडियो दोबारा अपलोड करने का आदेश दिया है.

जस्टिस गोखले ने कहा कि यह पूरी तरह पर्यावरण से जुड़ा मामला है. इसे कोई दूसरा रंग नहीं दिया जाना चाहिए. बेंच ने यह भी कहा कि हर कोई एक ही हवा में सांस ले रहा है.

BMC का यह अभियान बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन और प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाने से जुड़ा था. इसके लिए इस अभियान में क्रिकेटर और अलग-अलग अभिनेत्रियों को शामिल किया गया था, इन सभी सेलिब्रिटीज का संदेश भी लगभग एक जैसा था सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे न फोड़ें और प्रदूषण कम करने में सहयोग करें. इस वीडियो को मिर्ज़ा ने BMC के अनुरोध पर बनाया था. इसका मक़सद जागरूकता फैलाना था.

लेकिन दीया मिर्ज़ा के वीडियो पर भाजपा नेताओं और राइट विंग हैंडल द्वारा आपत्ति जताने और वीडियो हटाने के बाद अब मुख्य चर्चा अभियान से बदलकर अभिनेत्री दीया मिर्जा की राजनीतिक और वैचारिक पहचान पर केंद्रित हो गई. अमीत साटम ने उनके वीडियो पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें दीवाली मनाने का तरीका सिखाने की जरूरत नहीं है. इसके बाद अन्य नेताओं ने भी उनके पुराने बयानों और राजनीतिक विचारों को लेकर टिप्पणियां कीं, उन्हें हिंदुत्व विरोधी बताया.

BMC ने अजिंक्य रहाणे, माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और अभिनेत्री हर्षदा खानविलकर के वीडियो साझा किए, तब उनके अभियान में शामिल होने पर इस तरह की आपत्ति नहीं उठी और उनके अपील के वीडियो अभी भी मौजूद हैं. लेकिन दीया मिर्जा के मामले में उनकी राजनीतिक विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना को आधार बनाकर उन्हें हिन्दू विरोधी बताया जाने लगा.