दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन से पहले और 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दिन, हिंदू रक्षा दल (HRD) के प्रमुख पिंकी चौधरी और उनके सदस्यों ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो पोस्ट किए. इनमें प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा भड़काने की कोशिश की गई. हैरानी की बात ये है कि इनमें से कई वीडियो पुलिस की मौजूदगी में बनाए गए थे.
इन वीडियो क्लिप में पिंकी चौधरी और HRD के अन्य सदस्यों ने सांप्रदायिक और भड़काऊ बातें करते हुए “हिंदुत्व समर्थकों” से “प्रदर्शनकारियों को सबक सिखाने” की अपील की. उन्होंने प्रदर्शन करने वालों को “देश-विरोधी” और “हिंदू-विरोधी” बताया.
हालांकि, ऐसी ख़बरें भी आईं थीं कि पिंकी चौधरी को नज़रबंद कर दिया गया था, फिर भी उन्होंने शनिवार के प्रदर्शन से पहले और प्रदर्शन के दिन भी HRD सदस्यों और अन्य “कट्टर सनातनियों” से जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का सामना करने की अपील जारी रखी.
इसके अलावा, प्रदर्शन के दिन यानी 10 अक्टूबर को ‘न्यूज़ कैप्सूल’ द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में कुछ लोग कमला मार्केट के पास युवा प्रदर्शनकारियों को घसीटते, पीटते और उनके साथ मारपीट करते हुए दिखे. ‘ऑल्ट न्यूज़’ ने हमलावरों में से एक की पहचान हिंदू रक्षा दल के सदस्य रवींद्र गोविंदा के तौर पर की.

गोविंदा ने अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर एक क्लिप शेयर की, जिसमें उन्होंने खुद को HRD का सदस्य बताते हुए “प्रदर्शनकारियों से निपटने में दिल्ली पुलिस का समर्थन” करने की बात कही. उन्होंने कहा, “…जैसा कि हमने, यानी हिंदू रक्षा दल ने ऐलान किया था, हम इन कॉकरोचों से निपटने में दिल्ली पुलिस के साथ खड़े रहेंगे…” साथ ही, उन्होंने प्रदर्शनकारियों को धमकियां देना भी जारी रखा.
पिंकी चौधरी के पोस्ट किए गए एक वीडियो में रविंदर भी दिखा, जिसमें दावा किया गया कि HRD सदस्य “सनातनियों की रक्षा” के लिए CJP प्रदर्शनकारियों से लड़ रहे थे.
One of the goon seen beating the kid is Ravindra Govinda. Member of Hindu Raksha Dal. He was detained in the morning. Look how Police is handling the goons. https://t.co/nONEQVhY4f
— Mohammed Zubair (@zoo_bear) October 10, 2026
‘हम उन्हें डंडों से पीटेंगे’
9 अक्टूबर को पिंकी चौधरी ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें वो लाठियां लिए हुए कुछ लोगों के साथ खड़े थे और अगले दिन जंतर-मंतर पर इकट्ठा होने वाले प्रदर्शनकारियों को खुलेआम मारपीट की धमकी दी.
पिंकी चौधरी ने वीडियो में कहा: “लाठियां मारकर इनकी पिछवाड़े ठीक करने, दिमाग ठीक करने जाएंगे.” उन्होंने आगे कहा: “जो लोग इस देश को इस्लाम में ले जाने की गलतफहमी रखते हैं.” उन्होंने कहा कि HRD सदस्य और पक्के सनातनी मानने वाले उन सभी लोगों से “निपटेंगे” जिनके दिमाग में “सेक्युलरिज्म का कीड़ा” है.
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पुलिस के दखल के बावजूद धमकियां जारी रहीं
9 अक्टूबर को कुछ घंटों बाद, पिंकी चौधरी ने एक और वीडियो अपलोड किया जिसमें दावा किया गया कि पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें नज़रबंद कर दिया. हालांकि, कई पुलिसकर्मियों के सामने खड़े होने के बावजूद, उन्होंने धमकियां देना जारी रखा.
इस वीडियो में उन्होंने कहा कि HRD के कई सदस्य पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं और प्रदर्शनकारियों का सामना करने के लिए तैयार हैं. जंतर-मंतर को “आतंकवादियों का अड्डा” बताते हुए, उन्होंने दोहराया कि HRD सदस्य उन लोगों के खिलाफ लाठियों का इस्तेमाल करेंगे जिन्हें वे सनातन धर्म का विरोधी मानते हैं. उन्होंने कहा, “जितने सनातनी विरोधी हैं, उनके पिछवाड़े लाल करके ही वापस आएंगे.” उन्होंने HRD सदस्यों को ऐसे योद्धा बताया जो “न तो मरने से डरते हैं और न ही मारने से.”
पिंकी चौधरी ने संगठन को पुलिस और राष्ट्रवाद का समर्थक बताया और दावा किया कि इसके सदस्य प्रदर्शनकारियों को पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने के लिए सबक सिखाना चाहते थे. उन्होंने CJP समर्थकों पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने, इस्लामिक राज्य बनाने की कोशिश करने और देश के खिलाफ काम करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा, “भारत आज तक इसलिए सुरक्षित है क्योंकि यहां सनातनी योद्धा हैं.”
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पिंकी चौधरी के बेटे ने भी हिंसा भड़काने वाली बातों का समर्थन किया
एक और वीडियो में पिंकी चौधरी के बेटे हर्ष चौधरी ने ललित शर्मा समेत HRD के कई सदस्यों के साथ एक वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा था: “हिंदू रक्षा दल पूरी ताकत के साथ कॉकरोचों की गांड पीटने पहुंच रहा है.”
उन्होंने लाठियों की ज़रूरत को नकारते हुए दावा किया कि वे शारीरिक रूप से इतने मज़बूत हैं कि लोगों को खुद उठाकर ज़मीन पर पटक सकते हैं. हर्ष ने कहा, “हमें लाठियों की ज़रूरत नहीं है; मैं इतना मज़बूत हूं कि उन्हें उठाकर ज़मीन पर पटक सकता हूं.”
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पुलिस स्टेशन के अंदर से धमकियां
10 अक्टूबर को गाज़ियाबाद पुलिस ने हर्ष और उसकी टीम को हिरासत में लिया. पुलिस स्टेशन के अंदर और पुलिसकर्मियों के सामने बैठकर उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड करके पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने हिंदू योद्धाओं से प्रदर्शनकारियों को “सही रास्ते पर लाने” (दिमाग ठिकाने लगाने) की अपील की. पुलिस की हिरासत में रहते हुए भी जब वे ऐसी धमकियां दे रहे थे, तो किसी भी पुलिसकर्मी ने उन्हें वीडियो रिकॉर्ड करने या हिंसक धमकियां देने से नहीं रोका.
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रवींद्र गोविंदा और दूसरे हमलावर पकड़े गए
इंस्टाग्राम अकाउंट बंद होने से पहले, रवींद्र गोविंदा ने कई वीडियो अपलोड किए थे जिनमें उन्होंने दिल्ली पुलिस और बीजेपी सरकार का समर्थन किया था. इन वीडियो में उन्होंने कहा था कि HRD के सदस्य पुलिस के साथ खड़े होंगे और कॉकरोच का “इलाज” करने में हिस्सा लेंगे.
आज़ाद पत्रकार प्रणव प्रधी ने X पर एक वीडियो पोस्ट करके दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से सवाल किया कि प्रदर्शनकारियों और HRD के “सनातन योद्धाओं” के साथ बर्ताव में इतना फ़र्क क्यों है.
उन्होंने बताया कि गोविंदा और HRD के दूसरे सदस्य, जो भड़काऊ बयान दे रहे थे और हिंसा की धमकियां दे रहे थे, उन्हें 10 अक्टूबर को हिरासत में नहीं लिया गया, जबकि कई दूसरे प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया. प्रणव प्रधी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वहां कम से कम छह लोग इकट्ठा हुए थे, जो धारा 163 का उल्लंघन था.
Delhi Police is stopping ordinary citizens from gathering or protesting, citing Section 163 of the BNSS. But Hindutva groups are gathering openly and threatening protesters.
They claim the protesters are raising anti-India slogans. I have covered these protests and haven’t witnessed this. And frankly, this is an old tactic. Nothing new here.
So I asked Delhi Police a simple question: if ordinary citizens aren’t allowed to gather, how are these groups allowed to assemble and openly threaten protesters?
They had no answer.
— pranav pradhi (@pranavpradhi1) October 10, 2026
बाद में गोविंदा ने एक वीडियो अपलोड किया जिसमें बताया गया कि उन्हें और उनके साथियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
रविवार, 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने उन चार लोगों को गिरफ़्तार किया जो वीडियो में प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करते हुए दिखे थे. दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, “सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए, जिसमें चार लोग एक पुरुष प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट करते दिख रहे हैं, दिल्ली पुलिस (कमला मार्केट थाना) ने तुरंत कार्रवाई की और कानूनी प्रक्रिया शुरू की.” गिरफ़्तार किए गए चार लोगों में रवींद्र गोविंदा (35 साल), रमन सैनी (50 साल), विवेकानंद (32 साल) और कपिल कुमार (27 साल) शामिल हैं.
‘हम भारत को बांग्लादेश नहीं बनने देंगे’
8 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले, ललित शर्मा ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने डंडा लहराते हुए धमकी दी. वीडियो में उन्होंने कहा कि HRD टीम जंतर-मंतर जाकर “राष्ट्र-विरोधियों” का “इलाज” करेगी. उन्होंने ये भी कहा, “हम इस देश को बांग्लादेश नहीं बनने देंगे.”
9 अक्टूबर को ललित शर्मा ने एक वीडियो अपलोड किया जिसमें बेसबॉल बैट जैसा एक डंडा दिखाया गया था. उन्होंने खास तौर पर अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी को धमकी देते हुए कहा, “HRD के कार्यकर्ताओं से उलझना मत, वरना ये डंडा तुम्हारे मुंह से घुसकर पिछवाड़े से बाहर निकलेगा.”
उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर सनातन धर्म का अपमान होता है, माता सीता का अनादर किया जाता है और ब्राह्मणवाद व ठाकुरवाद के खिलाफ़ नारे लगाए जाते हैं, वहां वे जंतर-मंतर पर ऐसे लोगों के साथ ऐसा बुरा बर्ताव करेंगे कि उनकी सात पीढ़ियां उसे याद रखेंगी. उन्होंने ये भी दावा किया कि दिल्ली पुलिस के साथ किए गए दुर्व्यवहार का बदला HRD लेगी.
लाइव वीडियो में उन्होंने भड़काऊ भाषा और अपशब्दों का इस्तेमाल किया और सनातनियों से अपील की कि वे प्रदर्शनकारियों का सामना करने के लिए बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पर इकट्ठा हों. ललित शर्मा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा की धमकी देते हुए कई वीडियो भी अपलोड किए. 10 अक्टूबर की सुबह पोस्ट किए गए एक वीडियो में, ललित शर्मा ने दीपके, राठी और उनकी माताओं के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया और साथ ही दोहराया कि HRD सदस्य प्रदर्शनकारियों को सबक सिखाने के लिए तैयार थे.
बाद में ललित शर्मा ने एक और वीडियो अपलोड किया जिसमें कई HRD सदस्य इकट्ठा होकर ‘जय श्री राम’ और दूसरे भड़काऊ नारे लगाते हुए दिखे, और ये सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ.
पत्रकार राणा अय्यूब ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें ऑल्ट न्यूज़ ने शर्मा की पहचान की. वीडियो में ललित शर्मा कई पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में भड़काऊ नारे लगाते हुए दिख रहे हैं, जैसे- “दीपके, राठी कहां मिलेंगे? राहुल के पिछवाड़े में!” पुलिस अधिकारी उन्हें अपनी गाड़ियों में बैठने के लिए कहते हुए दिख रहे हैं. पोस्ट में राणा अय्यूब ने कहा, “जब मैंने पूछा कि क्या वे इस नफ़रत को बढ़ावा दे रहे हैं, तो उन्होंने मुझे हिरासत में लेने की धमकी दी.”
This is Delhi police in all her glory. They threatened to detain me when I asked if they were facilitating this hate https://t.co/5cmHhw3Hke
— Rana Ayyub (@RanaAyyub) October 10, 2026
खास बात ये है कि जंतर-मंतर पर पुलिस और सेना की बड़ी टुकड़ियां तैनात की गई थीं. अधिकारियों ने धारा 163 लागू की और प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और विपक्षी नेताओं को बड़ी संख्या में हिरासत में ले लिया.
इस बीच, इंडियन एक्सप्रेस हिंदी ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें भगवा स्कार्फ़ पहने कुछ लोग कनॉट प्लेस में एक व्यक्ति के साथ बेरहमी से मारपीट करते दिख रहे हैं. हमलावरों के हाथों में मेटल नकल्स थे, जिससे पीड़ित की पीठ पर चोटें आईं और उसकी शर्ट फट गई. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी जान बचाने के लिए आगे भागा, जहां सड़क किनारे कुछ पुलिसकर्मी खड़े दिख रहे थे, लेकिन उनमें से कोई भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया.







