“मैं राजनीति से नहीं जुड़ी हूं. एक सामाजिक कार्यकर्ता और एक नागरिक के तौर पर, मैं कह सकती हूं कि गरबा और नवरात्रि इतने सुंदर त्योहार हैं जिन्हें पूरी दुनिया में जाना जाता है और लोग इन्हें पसंद भी करते हैं. अगर कोई पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ आना चाहता है, तो जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए. अगर हम अपने धर्म को बढ़ावा देना चाहते हैं, तो हमें दुनिया के सामने इसकी खासियतें लानी होंगी. इसलिए, लोगों को अपने धर्म की एक झलक दिखाने का यह एक अच्छा तरीका है.”

महाराष्ट्र के नागपूर में मीडिया को दिए गए एक बयान में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने विश्व हिन्दू परिषद द्वारा नवरात्रि कार्यक्रमों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग पर बयान देते हुए ये कहा था. और इस वजह से उन्हें भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. 

महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान विश्व हिन्दू परिषद ने गरबा और डांडिया आयोजकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे. आयोजन में शामिल होने वाले लोगों के पहचान पत्रों की जांच की मांग की. महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने भी हिन्दू संगठनों की इस मांग का खुलकर समर्थन करते हुए आरोप लगाया था कि ऐसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ की घटनाएं बढ़ती हैं.

महाराष्ट्र के चंद्रपुर में मीडिया को दिए एक बयान में अमृता फडणवीस ने नवरात्रि कार्यक्रमों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने के VHP के आह्वान का समर्थन करने वाले महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के बयान पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि उन्होंने कुछ सोच-समझकर ही ऐसा कहा होगा, मैं इसकी गहराई में नहीं जाना चाहती. अमृता फडणवीस ने आगे कहा कि गरबा एक राष्ट्रीय उत्सव है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाया जाता है. इसलिए, अगर किसी भी समुदाय या धर्म का कोई व्यक्ति शांति से, बिना किसी हंगामे के इसे देखने आना चाहता है, तो मुझे लगता है कि इसमें कोई हर्ज नहीं है. इसके पीछे और क्या कारण हो सकते हैं, इस पर मैंने गौर नहीं किया है.

अमृता फडणवीस का ये बयान एक भद्दे ट्रोलिंग अभियान में बदल गया जब मोहम्मद फैसल नाम के एक प्रोडक्शन डिज़ाइनर ने इंस्टाग्राम पर उनके साथ की एक तस्वीर शेयर कर दी. तस्वीर में अमृता फडणवीस, फैसल सैफ के साथ नज़र आ रही थीं. दरअसल, वे सभी एक गरबा म्यूज़िक वीडियो प्रोजेक्ट ‘डोंट स्टॉप मारी महिसागर’ पर एक साथ काम कर रहे थे. इस तस्वीर को राइट-विंग सोशल मीडिया अकाउंट्स ने नफरत का जरिया बना लिया और इसके बाद अमृता फडणवीस के खिलाफ़ सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट्स और गालियां दी जाने लगी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई राइट-विंग अकाउंट्स ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और उनकी पत्नी अमृता फडणवीस पर निशाना साधते हुए बेहद आपत्तिजनक और अश्लील टिप्पणियां कीं.

”लव जिहाद’ को मूक समर्थन’

आदित्य मिश्रा नाम के यूजर ने अमृता फडणवीस और मोहम्मद फैसल की तस्वीर पोस्टर करते हुए लिखा कि अमृता इसलिए मुसलमानों को गरबा में आने के लिए कह रही थी क्योंकि ये सब मिलकर ‘लव जिहाद’ को मूक समर्थन देंगे जिससे हिन्दू लड़कियां मरेंगी और ये लोग हिंदुओं की लाश पर राजनीतिक रोटियां सेंकेंगे. इन कालनेमियों से सावधान हो जाओ.

‘देवेंद्र फडणवीस ‘जिहादियों’ को संभालने में असमर्थ’

Comman Man (@CommanMan777589) नाम के एक यूज़र ने अमृता फडणवीस पर कई अलग-अलग पोस्ट किये. एक पोस्ट में उसने लिखा कि अमृता मुस्लिमों को गरबा में आने के लिए बढ़ावा दे रही हैं और देवेंद्र ‘जिहादियों’ को संभालने में असमर्थ हैं. इसी पोस्ट में नागपुर के सिम्बायोसिस कॉलेज में एक ‘अब्दुल प्रोफेसर’ पर छात्राओं पर धार्मिक प्रथाओं को लेकर दबाव बनाने के आरोपों का भी जिक्र किया गया है. दूसरे पोस्ट में यूज़र ने अमृता फडणवीस का एक वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा कि देवेंद्र फडणवीस को उम्मीद है कि उन्हें बॉलीवुड के मुसलमानों द्वारा ऑस्कर दिया जाएगा, और साथ ही लिखा है, “अब सीएम की बीवी ने इनवाइट किया है, आना तो पड़ेगा मुल्लों को!”. एक अन्य पोस्ट में यूजर ने इनफ़्लूएंसर रियाज अली, जिसके इंस्टाग्राम पर 26 मिलियन फॉलोअर्स बताए गए हैं, उसके साथ अमृता फडणवीस के ‘वाइब’ करने का दावा करते हुए तंज कसा है, “यहां कोई लव जिहाद नहीं है?”.

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एक अन्य पोस्ट में यूज़र ने फैसल सैफ के साथ अमृता फडणवीस के डांडिया प्रोजेक्ट्स में काम करने का ज़िक्र करते हुए इसे ‘लव जिहाद’ को बढ़ावा देना बताया. साथ ही कहा कि लगता है यही वो समय है जब देवेंद्र फडणवीस से इस्तीफे की मांग की जाए, इनके राज्य में ‘जिहादी’ कंट्रोल से बाहर हैं. इसी पोस्ट के रिप्लाई में अभिषेक नाम के यूज़र ने देवेंद्र फडणवीस को टैग करते हुए उन्हें सावधान किया और लिखा, “कौन जानता है, शायद वह खुद जल्द ही लव जिहाद की शिकार हो जाए”.

देवा नाम के यूजर ने अभिषेक के ट्वीट के रिप्लाई में अमृता फडणवीस और देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, अभद्र और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया.

‘क्या आपको पता है आपकी बीवी मुल्ले के साथ आई है’

अग्नि नाम की यूजर ने अमृता फडणवीस, देवेंद्र फडणवीस और मोहम्मद फैसल की तस्वीरें शेयर करते हुए हिंदू संगठनों पर तंज कसा और लिखा, “हिंदू संगठन वाले बी लाइक… हसबैंड फर्नांडिज जी.. क्या आपको पता है आपकी बीवी मुल्ले के साथ आई है”.

अक्षय अक्की नाम के एक यूज़र ने एक तस्वीर शेयर की जिसमें कुछ लोग अमृता फडणवीस के पोस्टर को आग लगाते हुए दिख रहे हैं. इस मौके के वीडियो में छोटे बच्चों को अमृता के फ्लेक्स पोस्टरों पर चप्पलों से मारते और उनमें आग लगाते देखा जा सकता है. पोस्ट में तस्वीर के साथ मोहम्मद फैसल और अमृता फडणवीस की फोटो भी मौजूद है. यूज़र ने कैप्शन में लिखा है कि लोग अमृता फडणवीस के उस बयान से बेहद नाराज़ हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि मुसलमानों को गरबा में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए.

महाराष्ट्र पुलिस के स्टेट साइबर डिपार्टमेंट ने मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए ऐसे पोस्ट्स करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ़ एफआईआर दर्ज कर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स को एक कानूनी नोटिस भेजकर इन यूजर्स द्वारा इनके अकाउंट बनाने की तारीख और समय सहित पूरा रजिस्ट्रेशन डिटेल्स, अकाउंट से जुड़े नाम, रजिस्टर्ड ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर, लॉग-इन/एक्सेस डिटेल्स और संबंधित आईपी एड्रेस आदि जानकारी मांगी, जिससे इन अकाउंट्स को चलाने वालों की पहचान स्थापित किया जा सके.

बचाव में नैरेटिव गढ़ने की कोशिश

एफआईआर दर्ज होने और साइबर पुलिस की नोटिस के बाद कई विवादित ट्वीट्स डिलीट कर दिए गए. पुलिस के रडार पर आए इन राइट-विंग हैंडल्स ने अब अपने बचाव में एक मनगढ़ंत कहानी गढ़नी शुरू कर दी है. अपनी जवाबदेही से बचने के लिए, इन यूज़र्स ने झूठा दावा किया कि यह मुसलमानों द्वारा किया जा रहा “एक बड़ा सोशल मीडिया फ्रॉड” है और एनआईए को इसकी तत्काल जांच करनी चाहिए.

Legal Rights Observatory नाम के राइट-विंग हैंडल ने यह नैरेटिव फैलाना शुरू कर दिया कि “जिहादी” जानबूझकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स के माध्यम से कट्टर हिंदुत्ववादी हैंडल्स को फर्जी नोटिस भेज रहे हैं और अमृता फडणवीस की झूठी शिकायत का दुरुपयोग कर रहे हैं. ये ट्रोल्स तर्क दे रहे हैं कि हिंदुत्ववादी नेता देवेंद्र फडणवीस और उनकी पत्नी कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का समर्थन करने वाले हैंडल्स के खिलाफ़ एफआईआर दर्ज नहीं करवाएंगे.