असम में भारी बारिश के चलते लोगों को बाढ़ के हालात का सामना करना पड़ रहा है. 2 लाख से ज़्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं और 8 लोगों की मौत हो चुकी है. इस दौरान, आज तक ने असम में आयी बाढ़ का बताकर एक वीडियो अपलोड किया. वीडियो में पानी के तेज़ बहाव के कारण एक लोहे का पुल ढहता दिख रहा है. (वीडियो का आर्काइव वर्ज़न)

इंडिया टीवी ने भी ये वीडियो असम में आयी बाढ़ का बताकर चलाया. नीचे वीडियो रिपोर्ट में वायरल वीडियो के दृश्य 29 सेकंड के बाद दिखते हैं. (वीडियो का आर्काइव वर्ज़न)

इसके अलावा, न्यूज़18 बांग्ला, भारत समाचार, उड़िया न्यूज़ चैनल OTV न्यूज़, शॉर्ट वीडियो प्लेटफ़ॉर्म ‘@editorji’ ने भी ये वीडियो इसी दावे के साथ चलाया है. ‘@editorji’ ने साथ में ये भी बताया है कि वो इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.

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फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये वीडियो असम में आई बाढ़ का बताकर वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को गुवाहाटी प्लस का एक ट्वीट मिला. ट्वीट में बताया गया है कि ये वीडियो पुराना है और असम का नहीं है.

इंडोनेशिया में नीदरलैंड के राजदूत लैबर्ट ग्रैंज ने ये वीडियो 6 अप्रैल 2021 को ट्वीट किया था. उन्होंने बताया था कि ये इस्टर्न फ़्लोर्स में आयी बाढ़ का वीडियो है.

ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी ABC ने 5 अप्रैल को ये वीडियो अपने आर्टिकल में पोस्ट किया था. आर्टिकल के मुताबिक, इस्ट फ़्लोर्स में आयी बाढ़ के बाद देश की हालत काफी खराब थी. इस बाढ़ की वजह से 27 लोगों की मौत हो चुकी थी. इसके बाद, ऑस्ट्रेलियन सरकार ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाने की मांग की थी.

गूगल स्ट्रीट व्यू की मदद से देखने पर ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ये ओल्ड कंबनिरु ब्रिज है. ये सुंबा रीजेंसी में हैं जो इंडोनेशिया में आती है. गूगल स्ट्रीट व्यू पर मौजूद इस ब्रिज के विज़्युअल्स वायरल वीडियो से मेल खाते हैं.

कुल मिलाकर, 1 साल पहले इंडोनेशिया में आई बाढ़ में पुल के ढह जाने का वीडियो हाल में असम में आयी बाढ़ का बताकर शेयर किया गया. फिलहाल, असम से एक बांस का पुल बहने का वीडियो सुर्खियों में है. लेकिन आज तक सहित कई प्रमुख मीडिया संगठनों ने पुराना वीडियो असम के बाढ़ का बताकर शेयर कर दिया. ध्यान देने वाली बात ये है कि आज तक की ख़ुद एक फ़ैक्ट चेकिंग डेस्क है. लेकिन फिर भी चैनल कई बार बिना वेरीफ़ाइ किये ग़लत ख़बरें चलाता रहता है.

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