टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने 17 अप्रैल को एक बयान जारी किया कि नासिक BPO यूनिट में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के दावों के पीछे कथित मास्टरमाइंड और मीडिया रिपोर्ट्स में व्यापक रूप से HR प्रमुख के रूप में वर्णित निदा खान न तो HR टीम का हिस्सा है और न ही उसने कोई नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है. कंपनी ने कहा, वो एक प्रोसेस एसोसिएट है.
TCS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के कृतिवासन के एक लिखित बयान में कहा गया है, “मिस निदा खान का प्रेस में बार-बार TCS के HR मैनेजर के रूप में ज़िक्र किया जा रहा है, जबकि निदा खान HR मैनेजर नहीं हैं, उनकी कोई नेतृत्वकारी भूमिका नहीं है. वो सिर्फ एक प्रोसेस एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है.”
ये स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है क्योंकि मामले पर ज़्यादातर रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया चर्चा इस दावे पर टिकी हुई है कि भर्ती की ज़िम्मेदारी रखने वाले एक मानव संसाधन (HR) प्रबंधक के रूप में, निदा खान ने ऐसी कथित गतिविधियां करने का अधिकार हासिल किया था. ये स्पष्टीकरण कि वो असल में एक जूनियर कर्मचारी थी, जिसकी कोई नेतृत्वकारी भूमिका नहीं थी, उस आधार को कमजोर करता है और ये सवाल उठाता है कि उन आरोपों को कैसे लगाया और बढ़ाया गया. ये मीडिया ट्रायल के जोखिम को भी उजागर करता है, जहां किसी व्यक्ति की स्थिति और प्रभाव के बारे में अनवेरिफ़ाइड दावे फ़ैक्ट को मजबूती से स्थापित होने से पहले सार्वजनिक धारणा को आकार दे सकते हैं.
TCS द्वारा X पर शेयर किए गए बयान में ये भी ज़िक्र किया गया है कि नासिक यूनिट में सिस्टम और रिकॉर्ड की शुरूआती समीक्षा में इसकी नैतिकता या POSH चैनलों पर कथित प्रकृति की कोई शिकायत नहीं मिली है, हालांकि विस्तृत समीक्षा जारी है.
पूरा बयान यहां देखा जा सकता है. एक स्क्रीनशॉट नीचे अटैच है:

नासिक पुलिस के एक अधिकारी ने ऑल्ट न्यूज़ से पुष्टि की कि TCS का बयान प्रामाणिक है और TCS ने जांच अधिकारियों को निदा खान के बारे में भी यही जानकारी दी थी – कि वो HR अधिकारी नहीं है. अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को निदा के पति से पुलिस ने लंबी पूछताछ की लेकिन उसका पता नहीं चल सका.
महिला के परिवार ने भी हिंदुस्तान टाइम्स को बताया है कि वह मानव संसाधन विभाग में काम नहीं कर रही थी.
मीडिया में बार-बार ये टर्म इस्तेमाल किया गया: “HR हेड”, “HR मैनेजर”, “मास्टरमाइंड”
TCS के CEO का ये बयान तब आया है जब भारतीय मीडिया के एक वर्ग ने निदा खान पर हमला बोला था और उसे कंपनी में HR मैनेजर और कथित ‘रैकेट’ के मास्टरमाइंड के रूप में दिखाया था.
मामले में सात व्यक्तियों आसिफ़ अंसारी, दानिश शेख़, शफी शेख़, शाहरुख़ कुरेशी, रजा रफ़ीक मेनन, तौसीद अत्तार और अश्विनी चैनानी की गिरफ़्तारी के बाद रिपोर्ट्स सामने आईं कि एक अन्य आरोपी निदा खान फ़रार है. लगभग हर प्रमुख मीडिया आउटलेट ने निदा को कंपनी का HR मैनेजर या HR प्रमुख बताया.
14 अप्रैल, 2026 को NDTV के पत्रकारों ने दावा किया कि निदा खान TCS नासिक में HR अधिकारी थी. शिव अरूर द्वारा चैनल पर कई बुलेटिनों में यही दावा किया गया.
उदाहरण के तौर पर ये रिपोर्ट 14 अप्रैल को ही प्रसारित हुई थी. शो का एक स्क्रीनशॉट नीचे देखा जा सकता है:

16 अप्रैल को, NDTV पर शिव अरूर द्वारा आयोजित एक प्राइम-टाइम शो प्रसारित हुआ, जहां ये दावा दोहराया गया था. रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि निदा खान कंपनी के भीतर यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन की कथित गतिविधियों के पीछे का मास्टरमाइंड थी.
ये बात शिव अरूर ने तब भी दोहराई जब उन्होंने निदा खान द्वारा अग्रिम जमानत मांगने की सूचना दी.

इसी तरह, आजतक की एंकर अंजना ओम कश्यप ने खान को TCS में HR मैनेजर के रूप में संदर्भित किया और उसे कार्यालय में कथित कदाचार के पीछे “मास्टरमाइंड” करार दिया. (आर्काइव)
TCS में घर्मांतरण के खुलासे का पार्ट-2
TCS में HR मैनेजर निदा खान के कारनामों की पूरी रिपोर्ट#BlackAndWhiteOnAajTak #TCS #CorporateControversy #HRManager | @anjanaomkashyap pic.twitter.com/8jZLVLSvvn— AajTak (@aajtak) April 16, 2026
न्यूज़18 ने कई रिपोर्ट्स में निदा खान को TCS में HR प्रमुख और कथित धर्मांतरण रैकेट मास्टरमाइंड के रूप में पहचाना. (आर्काइव 1, आर्काइव 2)
TCS HR head Nida Khan, alleged conversion racket mastermind, on run; six arrested, aide Ashwini probed as company faces backlash over inaction@kotakyesha with @poonam_burde | #NationAt5 #TCS #Nashik #Crime pic.twitter.com/cpyBVfID9g
— News18 (@CNNnews18) April 13, 2026
रिपब्लिक भारत, टाइम्स नाउ, द इकोनॉमिक टाइम्स, CNBC-टीवी18, DNA, द मोजो स्टोरी, फ्री प्रेस जर्नल, द संडे गार्जियन और विऑन और प्रॉपगैंडा आउटलेट ऑपइंडिया सहित कई अन्य मीडिया आउटलेट्स ने इसी तरह के दावों को दोहराया और आगे बढ़ाया.
इस दावे को सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स वाले यूज़र्स द्वारा भी प्रचारित किया गया. उनमें से एक X यूज़र स्वाति चतुर्वेदी हैं, जिन्होंने लिखा, “TCS नासिक की महिला HR प्रमुख निदा खान को उनके सह-धर्मवादी पुरुष सहयोगियों द्वारा” लेडी डी “(जाहिर तौर पर दाऊद इब्राहिम का संदर्भ) कहा जाता था…” (आर्काइव)
Nida Khan the woman HR head of TCS Nashik was called “lady D” (apparently a reference to Dawood Ibrahim) by her co religionist male colleagues who were targeting women employees for sexual harassment & conversion say police sources. Tells you everything really about the mindset…
— Swati Chaturvedi (@bainjal) April 13, 2026
नियमित आधार पर सांप्रदायिक प्रॉपगेंडा शेयर करने वाले प्रमुख राईटविंग इन्फ्लुएंसर हैंडल ने भी ऐसा ही किया. इनमें एडवोकेट आशुतोष जे दुबे (@AdvAshutoshBJP), बाला (@erbmjha), भीकू म्हात्रे (@MumbaichaDon), रौशन सिन्हा (@MrSinha), तथवम-असी (@tathvamasi6), ऑक्सोमिया जियोरी (@SouleFacts), जितेंद्र प्रताप सिंह (@jpsin1) और अन्य शामिल हैं.
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.
बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.




