सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें टोपी पहने कुछ लोगों को लाठियों और मेटल के डंडे पकड़े हुए दिखाया गया है. इसे कई भारतीय राईटविंग हैंडल्स ने शेयर किया है. उनका दावा है कि वीडियो में मुस्लिम भीड़ को पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की संपत्तियों पर हमला करते हुए दिखाया गया है.

वीडियो में मुसलमानों खेतों से गुजरते हुए देखा जा सकता है और गोलीबारी की आवाजें भी सुनी जा सकती हैं. लाल किशोर यादव नाम के एक यूज़र ने ये वीडियो 14 अप्रैल, 2025 को शेयर किया और लिखा कि पश्चिम बंगाल में मुसलमानों ने 12 गांव खाली कराकर हिंदुओं की 150 एकड़ ज़मीन के खेत खत्म कर दिए. (आर्काइव लिंक)

 

पिछले साल भी हुआ था शेयर

पहले भी कई बार ग़लत जानकारी शेयर करने वाला X यूज़र @MeghUpdates ने 28 नवंबर, 2024 को दो अन्य वीडियो के साथ क्लिप को इस कैप्शन के साथ शेयर किया: “कट्टरपंथी भीड़ ने बांग्लादेश के शेरपुर ज़िले के मुर्शिदपुर में एक गांव पर हमला किया. हिंदुओं के घर, फसलें नष्ट हो गईं. पशुधन लूट लिया गया. एक व्यक्ति की मौत हो गई है. यहां तक ​​कि अपरंपरागत इस्लामी संप्रदाय के सूफी मंदिर में भी लूटपाट और तोड़फोड़ की गई.” ट्वीट को 6,500 से ज़्यादा रीट्वीट मिले. (आर्काइव)

राईटविंग प्रॉपगेंडा आउटलेट Kreately.in (@KreatelyMedia) ने भी वीडियो को एक कैप्शन के साथ ट्वीट किया जिसमें कहा गया: “बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए प्रार्थना करें🙏 #AllEyesOnBangladeshihindus.” (आर्काइव)

ये वीडियो अगस्त में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में वायरल हुई इसी तरह की क्लिपों में से एक है. तब से, देश में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ कई टारगेटेड हमले देखे गए हैं और पिछले कुछ महीनों में कई वीडियो वहां हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों के मामलों के रूप में वायरल हुए हैं. ऑल्ट न्यूज़ ने ऐसे कई (झूठे) दावों की पड़ताल की है. (उदाहरण  आर्टिकल 1आर्टिकल 2आर्टिकल 3)

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नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस की अध्यक्षता में अंतरिम सरकार के गठन के बाद भी, हिंसा और वायरल दावों के मामलों में शायद ही कोई कमी आई. ऑल्ट न्यूज़ ने एक डिटेल रिपोर्ट में ऐसे कई मामलों का डॉक्यूमेंटेशन किया है.

पढ़ें ये रिपोर्ट: ‘हमारी ग़लती क्या है?… कि हम हिंदू हैं?’ बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले रुक नहीं रहे

वायरल वीडियो को कई लोगों ने ये दावा करते हुए शेयर किया कि ये बांग्लादेश में मुसलमानों द्वारा हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले का है.

फैक्ट चेक

हमने की-वर्डस सर्च किया, हमें ढाका ट्रिब्यून की 27 नवंबर की एक न्यूज़ रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट का टाइटल कुछ यूं है, “शेरपुर के मुर्शिदपुर दरबार शरीफ पर हमले को लेकर 7 लोग गिरफ़्तार.” रिपोर्ट में लिखा है कि ये एक दिन पहले हुई तोड़फोड़ और लूटपाट की घटना थी. गौरतलब है कि ये वही जगह है जिसका ज़िक्र वायरल दावों में किया गया है. दरबार शरीफ बांग्लादेश के शेरपुर ज़िले के लछमनपुर क्षेत्र में एक धार्मिक प्रतिष्ठान है. दरबार शरीफ के सूत्रों ने ऑल्ट न्यूज़ को बताया कि ये हमला कथित तौर पर स्थानीय मदरसा शिक्षकों और निवासियों द्वारा किया गया था, जो वहां चल रही “इस्लाम विरोधी प्रथाओं” के बारे में परेशान थे. घटना में 13 लोग घायल हो गये.

बांग्लादेश के एक अंग्रेजी अखबार द डेली स्टार की एक अन्य रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि होती है. इस रिपोर्ट में एक तस्वीर भी है, जो वायरल वीडियो से जगह की पहचान करने में मदद करती है. यहां एक तुलना दी गई है:

यानी, ये साफ़ है कि उपरोक्त घटना में कोई भी पक्ष हिन्दू समुदाय से नहीं है और इस मामले में कोई सांप्रदायिक ऐंगल नहीं है.

हमें फ़ेसबुक पर कई यूज़र्स द्वारा पोस्ट किया गया ये वीडियो भी मिला, जिसके कैप्शन में कहा गया है कि एक भीड़ मुर्शिदपुर दरबार शरीफ की ओर जा रही थी.

इसके अलावा, लछमनपुर क्षेत्र की गूगल मैप्स इमेज की जांच करने पर (जहां घटना होने की बात कही जा रही है) हम ये पुष्टि कर सकते हैं कि वायरल क्लिप असल में दरबार शरीफ के पास फ़िल्माया गया था, जिसे तोड़ दिया गया था. इसके अलावा, @MeghUpdates द्वारा शेयर किए गए दो अन्य वीडियो में भी इस जगह में समानताएं देखी जा सकती हैं. नीचे तीनों वीडियो और गूगल मैप्स इमेजेज के स्क्रीनग्रैब की तुलना की गई है.

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कुल मिलाकर, ये दावा ग़लत है कि वायरल वीडियो में मुस्लिम भीड़ को हिंदू घरों में तोड़फोड़ करते और फसलों को नष्ट करते हुए दिखाया गया है. और ये वीडियो बांग्लादेश में हुई एक घटना का है न कि पश्चिम बंगाल का.

असत्य
दावा:
बांग्लादेश में हिंदुओं के घरों को मुसलमानों ने तोड़ा

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