सोशल मीडिया में एक वीडियो कश्मीर में अत्याचार के दावे से प्रसारित है, जिसमें भारतीय सेना के जवान एक लड़के को बेरहमी से पीटते हुए दिख रहे हैं।

कई व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं ने समान दावे से यह वीडियो साझा किया है।

यह वीडियो पहले बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए अत्याचार के रूप में साझा किया गया था।

पुराना वीडियो

प्रसारित किया गया वीडियो हाल का नहीं है बल्कि दो साल पुराना है। PTI की रिपोर्ट, जिसे डेक्कन हेराल्ड ने प्रकाशित किया था, के मुताबिक, “पुलवामा डिग्री कॉलेज के एक छात्र को चार सेना के जवानों द्वारा कथित तौर पर ज़मीन पर गिरा कर मारा गया“-अनुवादित। यह लेख 15 अगस्त, 2017 को प्रकाशित हुआ था।

कई मीडिया संगठन जिसमें पाकिस्तानी मीडिया भी शामिल है, उन्होंने इस कथित घटना को प्रकाशित किया था। द इंडियन एक्सप्रेस ने रक्षा प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया के हवाले से बताया कि वीडियो की सत्यता का पता लगाया जा रहा है। कर्नल कालिया ने कहा,“दुराचार के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी”-अनुवादित।

DNA के अनुसार, 2017 में एक व्यक्ति को सेना द्वारा जीप से बांधने और बड़गाम से उसे परेड करवाने के एक दिन बाद यह घटना हुई थी। सेना का मकसद “पत्थरबाजों” को नियंत्रण में लाना था।

इस वीडियो में कई ऐसे सुराग है जिससे पता चलता है कि यह वीडियो भारत में लिया गया था। एयरटेल और नेरोलैक के विज्ञापन, दोनों ही भारतीय कंपनियां हैं। इसके अलावा, दाईं ओर एक बैनर पर ‘श्रीनगर’ लिखा हुआ है।

इस तरह यह पुराना वीडियो अभी प्रसारित है, यह दिखाने के लिए कि अभी की घटना है। इससे पहले भी, पिछले साल हुए कुलगाम ब्लास्ट का वीडियो अभी कश्मीर की स्थिति के रूप में साझा किया गया था। वर्ष 2018 में सेना द्वारा लोगों को अपने बचाव के लिए मानव ढाल के रुप में इस्तेमाल करने का वीडियो प्रसारित किया गया था।

आंशिक रूप से सत्य
दावा:
कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा एक लड़के की पिटाई

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