सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें खाकी वर्दी पहने कुछ लोग मैदान में बैठकर नारेबाज़ी करते दिख रहे हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये दिल्ली पुलिस के जवान हैं जो अपने ही मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं.
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर The Tatva नाम के अकाउंट ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा के एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार के तबादले के विरोध में दिल्ली पुलिस के जवान पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. (आर्काइव लिंक)
📺WATCH | Delhi Police personnel continue their protest outside the Police Headquarters over the transfer of ACP Manasvi Vashistha and Shahdara SHO Inspector Arun Kumar https://t.co/gf0AGfZSXP
— The Tatva (@thetatvaindia) November 3, 2026
हर्ष छिकारा नाम के यूज़र ने भी यही दावा करते हुए वीडियो पोस्ट किया. (आर्काइव लिंक)
नेशनल हेरल्ड ने भी वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि शाहदरा थाने में वकीलों के साथ हुए टकराव के बाद दो अधिकारियों के तबादले के विरोध में करीब 100 दिल्ली पुलिसकर्मियों ने मुख्यालय पर धरना दिया. (आर्काइव लिंक)

इसी प्रकार कई अन्य यूज़र्स ने भी ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया. इसमें ऋषिकेश तकसाले, डॉ. एसपी, कृष्णा यादव और कांग्रेस नेता पंखुड़ी पाठक समेत कई अन्य यूज़र्स भी शामिल थे.
फ़ैक्ट-चेक
वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ये वीडियो Brut India के फ़ेसबुक पेज पर पोस्ट किया हुआ मिला मिला. कैप्शन के मुताबिक, गुजरात के करीब 3,000 वन रक्षकों ने 3 नवंबर को अपना सात दिन पुराना प्रदर्शन खत्म कर दिया. सरकार ने उन्हें बेहतर वेतन, जोखिम भत्ते और अधिक स्टाफ़ की उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया था.

यहां से मिली जानकारी के आधार पर हमने इससे जुड़े की-वर्ड्स गूगल पर सर्च किया, तो हमें इससे जुड़ी खबर इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट पर 4 नवंबर 2026 को पब्लिश्ड मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात के करीब 3,000 फ्रंटलाइन वन रक्षक गांधीनगर के सत्याग्रह छावनी में बेहतर वेतन, जोखिम भत्ते और सार्वजनिक अवकाश के दिन काम करने के मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे. वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने यूनियन प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनकी लंबे समय से लंबित मांगों का जल्द सकारात्मक समाधान करने का भरोसा दिया, जिसके बाद यह हड़ताल खत्म हुई.
इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट में धरना स्थल गांधीनगर का सत्याग्रह छावनी बताया गया था. हमने वायरल वीडियो की लोकेशन की पुष्टि करने के लिए गूगल मैप्स पर गांधीनगर के सत्याग्रह छावनी को सर्च किया. वहां उपलब्ध तस्वीर, वायरल वीडियो के बैकग्राउंड से बिल्कुल मेल खाता है. इससे साफ है कि वीडियो गांधीनगर के सत्याग्रह छावनी का ही है.

दिल्ली पुलिस ने भी एक वायरल पोस्ट का रिप्लाई करते हुए इस दावे का खंडन किया. पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो का दिल्ली पुलिस से कोई संबंध नहीं है. यह गुजरात के वन कर्मचारियों की फुटेज है.
@imharshchhikara This claim is completely false and has absolutely no connection to the Delhi Police. It actually features older footage showing Gujarat forest staff https://t.co/LXh9ZMSIRI. The public is strongly advised to refrain from sharing such misleading information.
— Delhi Police (@DelhiPolice) November 3, 2026
कुल मिलाकर, वायरल वीडियो दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए किसी प्रदर्शन का नहीं है. वीडियो में नज़र आ रहे कर्मी दिल्ली पुलिस के जवान नहीं, बल्कि गुजरात के वन रक्षक हैं, जो गांधीनगर के सत्याग्रह छावनी में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. सोशल मीडिया पर गुजरात के वन रक्षकों के प्रदर्शन के वीडियो को गलत दावे के साथ दिल्ली पुलिस का बताकर शेयर किया गया.
हालांकि, 2 नवंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों ने वास्तव में प्रदर्शन किया था, लेकिन ये वायरल वीडियो उस घटना का नहीं है.





